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  • ਬਿਜਲੀ ਖੇਤਰ ਨੂੰ ਸਰਪਲੱਸ ਬਣਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਹੁਣ ‘ਆਪ’ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਬਿਜਲੀ ਦੀਆਂ ਦਰਾਂ ਵੀ ਘਟਾਈਆਂ

    ਬਿਜਲੀ ਖੇਤਰ ਨੂੰ ਸਰਪਲੱਸ ਬਣਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਹੁਣ ‘ਆਪ’ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਬਿਜਲੀ ਦੀਆਂ ਦਰਾਂ ਵੀ ਘਟਾਈਆਂ

    ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ, 29 ਮਾਰਚ

    ਇੱਕ ਇਤਿਹਾਸਕ ਫੈਸਲੇ ਵਿੱਚ, ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਘਰੇਲੂ ਅਤੇ ਵਪਾਰਕ ਖਪਤਕਾਰਾਂ ਲਈ ਬਿਜਲੀ ਦਰਾਂ ਵਿੱਚ ਕਟੌਤੀ ਦਾ ਐਲਾਨ ਕੀਤਾ ਹੈ, ਜੋ ਬਿਜਲੀ ਨੂੰ ਹੋਰ ਕਿਫਾਇਤੀ ਬਣਾਉਣ ਦੀ ਆਪਣੀ ਵਚਨਬੱਧਤਾ ਨੂੰ ਪੂਰਾ ਕਰਦਾ ਹੈ। ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਬਿਜਲੀ ਮੰਤਰੀ ਹਰਭਜਨ ਸਿੰਘ ਈਟੀਓ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਕਦਮ ਬਿਜਲੀ ਖੇਤਰ ਦੇ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਕੁਸ਼ਲ ਪ੍ਰਬੰਧਨ ਕਾਰਨ ਸੰਭਵ ਹੋਇਆ ਹੈ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਵਿੱਤੀ ਸਰਪਲੱਸ ਅਤੇ ਊਰਜਾ ਉਤਪਾਦਨ ਵਿੱਚ ਵਾਧਾ ਹੋਇਆ ਹੈ।

    ਸ਼ਨੀਵਾਰ ਨੂੰ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਪ੍ਰੈਸ ਕਾਨਫਰੰਸ ਨੂੰ ਸੰਬੋਧਨ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਹਰਭਜਨ ਸਿੰਘ ਈਟੀਓ ਨੇ ਇਸ ਫੈਸਲੇ ਵਿੱਚ ਯੋਗਦਾਨ ਪਾਉਣ ਵਾਲੀਆਂ ਵੱਡੀਆਂ ਪ੍ਰਾਪਤੀਆਂ ‘ਤੇ ਚਾਨਣਾ ਪਾਇਆ। ਪਛਵਾੜਾ ਕੋਲਾ ਖਾਨ, ਜੋ ਕਿ 2015 ਤੋਂ ਬੰਦ ਸੀ, ਨੂੰ 2022 ਵਿੱਚ ‘ਆਪ’ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਅਧੀਨ ਮੁੜ ਸੁਰਜੀਤ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਸੀ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਥਰਮਲ ਪਲਾਂਟਾਂ ਲਈ ਕੋਲੇ ਦੀ ਨਿਰੰਤਰ ਸਪਲਾਈ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਈ ਗਈ ਸੀ। ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਨੇ 540 ਮੈਗਾਵਾਟ ਜੀਵੀਕੇ ਥਰਮਲ ਪਲਾਂਟ ਨੂੰ ਸਫਲਤਾਪੂਰਵਕ ਹਾਸਲ ਕੀਤਾ, ਇਸਦਾ ਨਾਮ ਸ਼੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਅਮਰਦਾਸ ਥਰਮਲ ਪਲਾਂਟ ਰੱਖਿਆ ਗਿਆ। ਇਸ ਕਦਮ ਨੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਊਰਜਾ ਉਤਪਾਦਨ ਨੂੰ ਕਾਫ਼ੀ ਵਧਾ ਦਿੱਤਾ ਹੈ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਨਿੱਜੀ ਪਾਵਰ ਪਲਾਂਟਾਂ ‘ਤੇ ਨਿਰਭਰਤਾ ਘਟੀ ਹੈ।

    ਈਟੀਓ ਨੇ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜੁਲਾਈ 2022 ਤੋਂ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਨੇ 600 ਯੂਨਿਟ ਤੱਕ ਵਰਤੋਂ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਘਰੇਲੂ ਖਪਤਕਾਰਾਂ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਮਹੀਨਾ 300 ਯੂਨਿਟ ਮੁਫ਼ਤ ਬਿਜਲੀ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕੀਤੀ ਹੈ। ਇਸ ਦੇ ਨਤੀਜੇ ਵਜੋਂ ਸੂਬੇ ਦੇ 90% ਘਰਾਂ ਦੇ ਬਿਜਲੀ ਦੇ ਬਿੱਲ ਜ਼ੀਰੋ ਆ ਰਹੇ ਹਨ। ਪਹਿਲੀ ਵਾਰ, ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਬਿਜਲੀ ਖੇਤਰ ਨੇ ਵਿੱਤੀ ਸਰਪਲੱਸ ਦਰਜ ਕੀਤਾ ਹੈ।

    ਮੰਤਰੀ ਹਰਭਜਨ ਸਿੰਘ ਈਟੀਓ ਦੁਆਰਾ ਐਲਾਨੀਆਂ ਗਈਆਂ ਟੈਰਿਫ ਕਟੌਤੀਆਂ 1 ਅਪ੍ਰੈਲ 2025 ਤੋਂ 31 ਮਾਰਚ 2026 ਤੱਕ ਲਾਗੂ ਹੋਣਗੀਆਂ। ਸੋਧੀਆਂ ਟੈਰਿਫ ਦਰਾਂ ਘਰੇਲੂ ਖਪਤਕਾਰਾਂ ਲਈ ਹਨ, ਜੋ ਪ੍ਰਤੀ ਬਿੱਲ 600 ਯੂਨਿਟ ਤੋਂ ਵੱਧ ਵਰਤ ਰਹੇ ਹਨ, 2 ਕਿਲੋਵਾਟ ਲੋਡ ਤੱਕ: ਬਿੱਲ ਵਿੱਚ160 ਰੁਪਏ ਮਹੀਨੇ ਘਟਾਏ ਗਏ, 2-7 ਕਿਲੋਵਾਟ ਲੋਡ: ਬਿੱਲ ਵਿੱਚ 90 ਰੁਪਏ ਮਹੀਨੇ ਘਟਾਏ ਗਏ ਅਤੇ 7 ਕਿਲੋਵਾਟ ਤੋਂ ਵੱਧ ਲੋਡ: ਬਿੱਲ ਵਿੱਚ 32 ਰੁਪਏ ਮਹੀਨੇ ਘਟਾਏ ਗਏ। ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਹੀ ਵਪਾਰਕ ਖਪਤਕਾਰਾਂ ਲਈ 500 ਯੂਨਿਟ ਤੱਕ ਦੀ ਖਪਤ ਲਈ ਟੈਰਿਫ 0.02 ਰੁਪਏ ਯੂਨਿਟ ਘਟਾਏ ਗਏ। ਇਸ ਨਾਲ ਛੋਟੇ ਕਾਰੋਬਾਰਾਂ ਅਤੇ ਵਪਾਰਕ ਅਦਾਰਿਆਂ ਨੂੰ ਕਾਫ਼ੀ ਲਾਭ ਹੋਵੇਗਾ।

    ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਘਰੇਲੂ ਖਪਤਕਾਰਾਂ, ਰਿਹਾਇਸ਼ੀ ਅਤੇ ਗੈਰ-ਰਿਹਾਇਸ਼ੀ ਸਪਲਾਈ ਲਈ ਤਿੰਨ-ਪੱਧਰੀ ਸਲੈਬ ਨੂੰ ਦੋ ਸਲੈਬਾਂ ਵਿੱਚ ਬਣਾਇਆ ਗਿਆ ਹੈ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਬਿਲਿੰਗ ਵਧੇਰੇ ਖਪਤਕਾਰ-ਅਨੁਕੂਲ ਬਣ ਗਈ ਹੈ। ਮੰਤਰੀ ਹਰਭਜਨ ਸਿੰਘ ਈਟੀਓ ਨੇ ਜਨਤਾ ਨੂੰ ਭਰੋਸਾ ਦਿਵਾਇਆ ਕਿ ਕਿਸੇ ਵੀ ਵਰਗ ਲਈ ਕੋਈ ਫਿਕਸਡ ਚਾਰਜ ਨਹੀਂ ਵਧਾਇਆ ਗਿਆ ਹੈ, ਤਾਂ ਜੋ ਇਹ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਇਆ ਜਾਵੇ ਕਿ ਸਮਾਜ ਦੇ ਸਾਰੇ ਵਰਗਾਂ ਲਈ ਬਿਜਲੀ ਕਿਫਾਇਤੀ ਰਹੇ।

  • ईदगाह में 9:00 बजे होगी ईद-उल-फितर की नमाज, देखें किसी मस्जिद में कितने बजे होगी नमाज

    ईदगाह में 9:00 बजे होगी ईद-उल-फितर की नमाज, देखें किसी मस्जिद में कितने बजे होगी नमाज

    जालंधर : रमजान का पाक महीना अंतिम चरण में है। देश भर में ईद उल फितर की तैयारी जोरों पर है म। मस्जिद प्रबंधक कमेटियों की तरफ से ईद की नमाज को लेकर तैयारियां मुकम्मल की जा रही है तो वही ईद की खरीदारी के लिए मस्जिदों के बाहर अस्थाई बाजार भी कर चुके हैं। शनिवार को रमजान महीने का 28 व रोजा रखा गया और रविवार को 29वां रोज सुबह 4:57 पर रखा जाएगा जबकि शाम 6:46 पर इफ्तारी होगी। जालंधर में भी सभी मस्जिदों में ईद की नमाज की तैयारी जोरों पर चल रही हैं। ईदगाह गुलाब देवी रोड के प्रधान अल्पसंख्यक कमीशन के पूर्व मेंबर नासिर सलमानी ने बताया कि जालंधर की सबसे बड़ी और पुरानी ऐतिहासिक ईदगाह में 9:00 बजे नमाज पढ़ी जाएगी जिसे लेकर सभी तैयारियां चल रही हैं। उन्होंने बताया कि नमाजियों को किसी भी तरह की समस्याएं नहीं आने दी जाएगी, जिसे लेकर नगर निगम और पुलिस प्रशासन को पत्र लिखकर अवगत करवाया गया है। ईदगाह गुलाब देवी के बाहर बैरिकेडिंग, पानी, मोबाइल टॉयलेट सहित अन्य सभी इंतजाम पूरे किए जा रहे हैं। हालांकि अभी तक ईद का चांद नहीं दिखा है इसलिए गर ईद का चांद रविवार को नजर आया तो ईद उल फितर की नमाज सोमवार को होगी।

    ईदगाह गुलाब देवी रोड 9:00 बजे
    ईदगाह जमा मस्जिद 8:00 बजे
    ईदगाह कैंट 9:00
    बिलाल मस्जिद 8:45
    मस्जिद उमर दानिशमंद 9:00 बजे
    मस्जिद कचहरी चौक 8:30 बजे
    मस्जिद रेलवे रोड 7:30
    मस्जिद हुसैनी मुस्लिम कॉलोनी 7:30
    मस्जिद रेलवे रोड 7:30
    मस्जिद सब्जी मंडी 8:00
    मस्जिद स्टेट 8:30
    मस्जिद नूरपुर 8:45
    मस्जिद कंगनीवाल 8:00 बजे
    मस्जिद मुस्लिम कॉलोनी 8:30
    मस्जिद जनता कॉलोनी 8:45
    मस्जिद बूटा मंडी 9:45

  • मुस्लिम कॉलोनी में प्रधानमंत्री मोदी का पुतला फूंका, वक्फ बिल के विरोध में मुस्लिम समाज का प्रदर्शन, राष्ट्रपति को भेजा मांग पत्र

    मुस्लिम कॉलोनी में प्रधानमंत्री मोदी का पुतला फूंका, वक्फ बिल के विरोध में मुस्लिम समाज का प्रदर्शन, राष्ट्रपति को भेजा मांग पत्र

    जालंधर, 28 मार्च: केंद्र सरकार द्वारा संसद में प्रस्तुत किए गए नए वक्फ बिल के विरोध में आज जालंधर के मुस्लिम समाज में भारी आक्रोश देखा गया। पंजाब वक्फ बोर्ड के पूर्ण मेंबर और पंजाब मुस्लिम फ्रंट के प्रधान मोहम्मद कलीम आज़ाद के नेतृत्व में जालंधर के सामाजिक कार्यकर्ताओं, धार्मिक नेताओं और आम नागरिकों ने एकजुट होकर राष्ट्रपति महोदय के नाम एक मांग पत्र डिप्टी कमिश्नर को सौंपा। इस मांग पत्र में बिल को असंवैधानिक बताते हुए इसे तत्काल प्रभाव से रोके जाने की माँग की गई है।

    इस विरोध प्रदर्शन के दौरान मुस्लिम कॉलोनी, जालंधर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जलाकर मुस्लिम समुदाय ने अपने गुस्से का इज़हार किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर धार्मिक स्वतंत्रता में हस्तक्षेप और वक्फ संपत्तियों पर नियंत्रण की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया।

    मांग पत्र में उठाई गई मुख्य आपत्तियाँ:

    1. यह बिल भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25, 26 और 29 का उल्लंघन करता है, जो धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों की सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करता है।
    2. सरकार को वक्फ संपत्तियों पर अनुचित नियंत्रण देने की कोशिश की जा रही है, जो कि वक्फ अधिनियम 1995 की आत्मा के खिलाफ है।
    3. धार्मिक संस्थाओं की स्वायत्तता को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है।
    4. वक्फ संपत्तियों के अधिग्रहण का प्रावधान मुस्लिम समाज के लिए खतरनाक संकेत है।
    5. यह बिल बिना किसी सार्वजनिक या धार्मिक परामर्श के लाया गया है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है।

    पंजाब मुस्लिम फ्रंट के प्रधान मोहम्मद कलीम आज़ाद, जो कि पंजाब वक्फ बोर्ड के पूर्व सदस्य भी रह चुके हैं, ने राष्ट्रपति से अपील करते हुए कहा:
    “यह बिल देश के धर्मनिरपेक्ष ढांचे और अल्पसंख्यकों के संवैधानिक अधिकारों पर हमला है। यदि इसे समय रहते नहीं रोका गया, तो यह सामाजिक असंतुलन और धार्मिक टकराव को जन्म देगा। हम मांग करते हैं कि इस बिल को तुरंत रद्द किया जाए और एक निष्पक्ष समिति के माध्यम से इसकी समीक्षा करवाई जाए।”
    प्रदर्शन के दौरान मुस्लिम समुदाय ने एक स्वर में सरकार के इस कदम की निंदा की और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो देशव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा। और इस मौके पर मोहम्मद अली, मोहम्मद सलीम, निजामुद्दीन मुन्ना, अनीस अहमद, मोहम्मद शकील, हाजी शकील, जुनेद आलम, हाजी जमील, मंसूर आलम, मंजर आलम, एडवोकेट मोहम्मद रफीक आजाद, एडवोकेट मोहम्मद अली, एडवोकेट अमीना खातून आजाद, मोहम्मद निराले, सिकंदर और अन्य लोग भी मौजूद थे।

  • वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ मस्जिद-ए-कुबा खांबड़ा से निकाला प्रोटेस्ट मार्च, प्रधानमंत्री का पुतला जलाया, बीजेपी के खिलाफ नारेबाजी

    वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ मस्जिद-ए-कुबा खांबड़ा से निकाला प्रोटेस्ट मार्च, प्रधानमंत्री का पुतला जलाया, बीजेपी के खिलाफ नारेबाजी

    जालंधर, 28 मार्च (DP): वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ मुसलमानों का गुस्सा कम होने का नाम नहीं ले रहा है। आज मस्जिद ए कुबा खांबड़ा में अलविदा जुमे की नमाज के बाद विरोध प्रदर्शन किया गया और खांबड़ा अड्डा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जलाया गया। मुसलमानों ने काली पट्टी बांधकर शुक्रवार की नमाज अदा की।
    विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए जमीयत उलेमा-ए-हिंद के जिला अध्यक्ष और मस्जिद ए कुबा के प्रधान मोहम्मद मजहर आलम मजाहिरी ने कहा कि यह संशोधन बिल मुसलमानों के वक्फ संपत्तियों पर कब्जा करने की कानूनी संरक्षण प्रदान करने की एक सोची समझी साजिश है। उन्होंने कहा कि वक्फ संपत्तियां केवल मुसलमानों के कल्याण के लिए समर्पित हैं, जिन्हें सरकार अपने अधीन करना चाहती है। यह विधेयक न्याय और निष्पक्षता की अपेक्षाओं के पूरी तरह विरुद्ध है। हम सभी इस क्रूर वक्फ बिल के खिलाफ हैं और इसे वापस लिए जाने तक आंदोलन जारी रखेंगे।
    मजहर आलम मजाहिरी ने कहा कि वह इस विधेयक को पारित करने वालों के कार्यों को कभी नहीं भूलेंगे। आगामी चुनाव में मुसलमान इसका मुंहतोड़ जवाब देंगे।
    मजहर आलम ने कहा कि वक्फ प्रॉपर्टीज हमारे लिए सिर्फ ज़मीन ही नहीं हैं, ये हमारी पहचान, हमारा माल और हमारा हक है और हमारी इबादत है इस बिल के ज़रिए जो कोशिश की गई है, वो हमारे मुस्लिम समाज के हक को मारने की है। हम समझते हैं कि इस बिल से एक तरीके से मुसलमानों का हक़दार होना छीना जा रहा है। ऐसे बिल को हम कभी भी मंजूर नहीं करेंगे। यह सिर्फ एक कानून के विरोध की बात नहीं, बल्कि हमारे समाज के हर एक इंसान की इज्जत, हक के लिए लड़ाई है।
    विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए और विधेयक को तत्काल वापस लेने की मांग की।
    इस अवसर पर आलम खान, तबरेज आलम, शाहबाज आलम, नदीम सलमानी, शहजाद सलमानी, मसूद खान आदि उपस्थित थे।

  • लुधियाना के पुलिस कमिश्नर का ट्रांसफर : चहल की जगह अब स्वपन शर्मा संभालेंगे चार्ज, हरमनबीर फिरोजपुर रेंज के DIG नियुक्त

    लुधियाना के पुलिस कमिश्नर का ट्रांसफर : चहल की जगह अब स्वपन शर्मा संभालेंगे चार्ज, हरमनबीर फिरोजपुर रेंज के DIG नियुक्त


    लुधियाना :

    पंजाब सरकार ने लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर (DC) के बाद अब पुलिस कमिश्नर का भी तबादला कर दिया है। स्वपन शर्मा को लुधियाना का नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है। हालांकि, कुलदीप सिंह चहल की नई तैनाती की घोषणा अभी नहीं हुई है।

    इसके अलावा, हरमिंदर सिंह को फिरोजपुर रेंज का डीआईजी नियुक्त किया गया है।

    इस बीच, लुधियाना की वेस्ट विधानसभा सीट पर जल्द ही उप चुनाव होने हैं, जिससे कयास लगाए जा रहे थे कि पुलिस कमिश्नर का तबादला किया जा सकता है। हाल ही में, आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री ने लुधियाना का दौरा किया था। इस दौरान, उन्होंने लोगों से मुलाकात कर कानून व्यवस्था पर फीडबैक लिया था।

    कौन है स्वपन शर्मा
    भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अफसर स्वप्न शर्मा पंजाब पुलिस में DIG रेंक पर है। स्वपन शर्मा का जन्म 10 अक्टूबर, 1980 को कांगड़ा जिले के ढोग गांव में हुआ। उनके पिता महेश चंद्र शर्मा सेना में कर्नल थे। मां वीना शर्मा गृहणी हैं।
    बठिंडा के ज्ञानी जैल सिंह कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से ग्रेजुएशन करने के बाद स्वपन शर्मा ने 2008 में हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा का एग्जाम क्लियर किया। उनकी पहली नियुक्ति शिमला के चौपाल में ब्लॉक डवलपमेंट अफसर के रूप में हुई। 9 माह हिमाचल में सरकारी नौकरी करने के बाद स्वप्न शर्मा ने 2009 में UPSC परीक्षा पास की।

    भारतीय पुलिस सेवा (IPS) की ट्रेनिंग पूरी करने के बाद स्वपन शर्मा ने पंजाब कैडर चुना। ट्रेनिंग के बाद वह राजपुरा, लुधियाना और दूसरे कई शहरों में तैनात रहे। वह दस महीने पंजाब के मुख्यमंत्री की सिक्योरिटी में भी रहे।
    अलग-अलग पदों पर रहने के दौरान उन्होंने धोखाधड़ी के मामलों की जांच की। कई जटिल केस सुलझाया। वह फाजिल्का और बठिंडा जिलों में तैनात रहे। वह दो बार AIG काउंटर इंटेलिजेंस के पद पर तैनात किया जिसमें उन्होंने देश-विदेश के आतंकियों की गतिविधियों का पता लगाया।

    4 बार डिस्क अवार्ड से हुए सम्मानित
    फाजिल्का, बठिंडा, रोपड़, संगरूर, जालंधर और अमृतसर ग्रामीण का एसएसपी रहते हुए उन्होंने शराब तस्करों व गैंगस्टर के खिलाफ अभियान चलाए। गैंगस्टरों के खिलाफ भी उनकी सख्ती चर्चा का विषय बनी।

  • ਬਜਟ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਇਤਿਹਾਸ ਦਾ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਡਾ ਬਜਟ, ਸਾਰੇ ਵਰਗਾਂ ਅਤੇ ਸਮਾਜਾਂ ਦਾ ਰੱਖਿਆ ਗਿਆ ਖਿਆਲ – ਪਵਨ ਕੁਮਾਰ ਟੀਨੂੰ

    ਬਜਟ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਇਤਿਹਾਸ ਦਾ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਡਾ ਬਜਟ, ਸਾਰੇ ਵਰਗਾਂ ਅਤੇ ਸਮਾਜਾਂ ਦਾ ਰੱਖਿਆ ਗਿਆ ਖਿਆਲ – ਪਵਨ ਕੁਮਾਰ ਟੀਨੂੰ

    ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ, 27 ਮਾਰਚ

    ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸੀਨੀਅਰ ਆਗੂ ਅਤੇ ਬੁਲਾਰੇ ਪਵਨ ਕੁਮਾਰ ਟੀਨੂੰ ਨੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਬਜਟ 2025-26 ਦੀ ਸ਼ਲਾਘਾ ਕਰਦਿਆਂ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਅਤੇ ਪਾਰਟੀ ਸੁਪਰੀਮੋ ਅਰਵਿੰਦ ਕੇਜਰੀਵਾਲ ਦਾ ਬਜਟ ਵਿੱਚ ਅਨੁਸੂਚਿਤ ਜਾਤੀ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਲਈ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਪ੍ਰਬੰਧ ਕਰਨ ਲਈ ਧੰਨਵਾਦ ਕੀਤਾ।

    ਵੀਰਵਾਰ ਨੂੰ ਜਲੰਧਰ ਵਿੱਚ ‘ਆਪ’ ਆਗੂ ਤਰਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਸੰਨੀ ਨਾਲ ਪ੍ਰੈਸ ਕਾਨਫਰੰਸ ਨੂੰ ਸੰਬੋਧਨ ਕਰਦਿਆਂ ਪਵਨ ਟੀਨੂੰ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਬਜਟ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਇਤਿਹਾਸ ਦਾ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਡਾ ਬਜਟ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਵਿੱਚ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਡੀ ਗੱਲ ਇਹ ਹੈ ਕਿ ਕੋਈ ਨਵਾਂ ਟੈਕਸ ਨਹੀਂ ਲਗਾਇਆ ਗਿਆ ਹੈ।

    ਪਵਨ ਟੀਨੂੰ ਨੇ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਅਨੁਸੂਚਿਤ ਜਾਤੀ ਵਿੱਤ ਕਾਰਪੋਰੇਸ਼ਨ ਦੇ ਤਹਿਤ ਦਲਿਤ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਵੱਲੋਂ 31 ਮਾਰਚ 2020 ਤੱਕ ਲਏ ਗਏ 70 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦੇ ਕਰਜ਼ੇ ਮੁਆਫ ਕਰਨ ਦੇ ਫੈਸਲੇ ਦੀ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਸ਼ਲਾਘਾ ਕੀਤੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਸ ਫੈਸਲੇ ਨਾਲ 4650 ਤੋਂ ਵੱਧ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਨੂੰ ਲਾਭ ਹੋਇਆ ਹੈ ਜੋ ਉੱਚ ਵਿਆਜ ਦਰਾਂ ਅਤੇ ਵਿੱਤੀ ਮੁਸ਼ਕਲਾਂ ਕਾਰਨ ਅਦਾਇਗੀਆਂ ਕਰਨ ਤੋਂ ਅਸਮਰੱਥ ਸਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਇਸ ਲਈ ਕਾਂਗਰਸ ਪਾਰਟੀ ਦੀ ਆਲੋਚਨਾ ਕਰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ 2017 ਦੀਆਂ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਚੋਣਾਂ ਵਿੱਚ ਕਾਂਗਰਸੀ ਆਗੂਆਂ ਨੇ ਇਹ ਕਰਜ਼ੇ ਮੁਆਫ਼ ਕਰਨ ਦਾ ਵਾਅਦਾ ਕਰਕੇ ਦਲਿਤ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਦੀਆਂ ਵੋਟਾਂ ਤਾਂ ਲੈ ਲਈਆਂ ਪਰ ਸੱਤਾ ਵਿੱਚ ਆਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਕੁਝ ਨਹੀਂ ਕੀਤਾ।

    ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ, ਬਜਟ ਵਿੱਚ ਵੱਡੀਆਂ ਵੰਡਾਂ ਵਿੱਚ ਅਨੁਸੂਚਿਤ ਜਾਤੀ ਅਤੇ ਪੱਛੜੀਆਂ ਸ਼੍ਰੇਣੀਆਂ ਦੇ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਲਈ ਵਜ਼ੀਫੇ ਲਈ 262 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ, ਗਰੀਬ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਦੀਆਂ ਲੜਕੀਆਂ ਦੇ ਵਿਆਹ ਵਿੱਚ ਸਹਾਇਤਾ ਲਈ ਆਸ਼ੀਰਵਾਦ ਸਕੀਮ ਤਹਿਤ 36 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਅਤੇ ਔਰਤਾਂ, ਬਜ਼ੁਰਗ ਨਾਗਰਿਕਾਂ, ਵੱਖ-ਵੱਖ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਅਪਾਹਜ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਜਾਂ ਤਲਾਕਸ਼ੁਦਾ ਔਰਤਾਂ ਨੂੰ ਲਾਭ ਪਹੁੰਚਾਉਣ ਵਾਲੇ ਸਮਾਜ ਭਲਾਈ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮਾਂ ਲਈ 6,175 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਸ਼ਾਮਲ ਹਨ।

    ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਮੁਫਤ ਬੱਸ ਸੇਵਾਵਾਂ ਨੂੰ ਜਾਰੀ ਰੱਖਣ ਲਈ 450 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਅਤੇ ਆਂਗਣਵਾੜੀ ਕੇਂਦਰਾਂ ਵਿੱਚ ਔਰਤਾਂ ਅਤੇ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਪੌਸ਼ਟਿਕ ਭੋਜਨ ਮੁਹੱਈਆ ਕਰਵਾਉਣ ਲਈ ਪੋਸ਼ਣ ਮੁਹਿੰਮ ਤਹਿਤ 1,177 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਵੀ ਅਲਾਟ ਕੀਤੇ ਹਨ।

    ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਬਜਟ ‘ਆਪ’ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਨਸ਼ਿਆਂ ਵਿਰੁੱਧ ਵਿੱਢੀ ਮੁਹਿੰਮ ਅਤੇ ਨਸ਼ਿਆਂ ਨੂੰ ਜੜ੍ਹੋਂ ਖਤਮ ਕਰਨ ਲਈ ਸਰਕਾਰ ਦੀ ਵਚਨਬੱਧਤਾ ਨੂੰ ਵੀ ਦਰਸਾਉਂਦਾ ਹੈ। ਬਜਟ ਵਿੱਚ ਸਰਹੱਦ ਪਾਰ ਦੀ ਤਸਕਰੀ ਨਾਲ ਨਜਿੱਠਣ ਲਈ ਐਡਵਾਂਸ ਐਂਟੀ ਡਰੋਨ ਸਿਸਟਮ ਲਈ 110 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਪਹਿਲੀ ਡਰੱਗ ਜਨਗਣਨਾ ਲਈ 150 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਰੱਖੇ ਗਏ ਹਨ।

    ਟੀਨੂੰ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਨਸ਼ਿਆਂ ਨੂੰ ਖ਼ਤਮ ਕਰਨ ਦਾ ਵਧੀਆ ਤਰੀਕਾ ਖੇਡਾਂ ਨੂੰ ਉਤਸ਼ਾਹਿਤ ਕਰਨਾ ਹੈ। ਇਸ ਲਈ ‘ਆਪ’ ਸਰਕਾਰ ਵੀ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਖੇਡ ਪਰੰਪਰਾ ਨੂੰ ਮੁੜ ਸੁਰਜੀਤ ਕਰ ਰਹੀ ਹੈ। 2025-26 ਦੇ ਬਜਟ ਵਿੱਚ ਖੇਡਾਂ ਲਈ 979 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦਾ ਬਜਟ ਅਲਾਟ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ, ਜੋ ਹੁਣ ਤੱਕ ਦਾ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਧ ਹੈ। ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਹੀ ਹਰ ਪਿੰਡ ਵਿੱਚ ਖੇਡ ਮੈਦਾਨ ਅਤੇ 3000 ਤੋਂ ਵੱਧ ਇਨਡੋਰ ਜਿੰਮ ਵੀ ਬਣਾਏ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ।

    ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਹੀ ‘ਆਪ’ ਸਰਕਾਰ ਵੀ ਤੰਦਰੁਸਤ ਪੰਜਾਬ ਦਾ ਨਿਰਮਾਣ ਕਰ ਰਹੀ ਹੈ। ਇਸ ਵਾਰ ਦੇ ਬਜਟ ਵਿੱਚ 65 ਲੱਖ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਨੂੰ ਸਿਹਤ ਬੀਮੇ ਅਧੀਨ ਲਿਆਉਣ ਦਾ ਫੈਸਲਾ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ, ਜਿਸ ਤਹਿਤ ‘ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਸਰਬੱਤ ਸਿਹਤ ਬੀਮਾ ਯੋਜਨਾ’ ਦਾ ਘੇਰਾ 5 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਤੋਂ ਵਧਾ ਕੇ 10 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਪਰਿਵਾਰ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਲਈ 778 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਅਲਾਟ ਕੀਤੇ ਗਏ ਹਨ।

    ਪੇਂਡੂ ਵਿਕਾਸ ਲਈ ਵੀ ਬਜਟ ਵਿੱਚ ਕਰੀਬ 3500 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦਾ ਉਪਬੰਧ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ, ਜਿਸ ਰਾਹੀਂ ਪਿੰਡਾਂ ਦੀਆਂ ਕਰੀਬ 19 ਹਜ਼ਾਰ ਕਿਲੋਮੀਟਰ ਲਿੰਕ ਸੜਕਾਂ ਦੀ ਮੁਰੰਮਤ ਅਤੇ ਉਸਾਰੀ ਦਾ ਕੰਮ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ, ਜਿਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪਿੰਡਾਂ ਦੀ ਤਸਵੀਰ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਬਦਲ ਜਾਵੇਗੀ। ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਲੋਕ ਭਲਾਈ ਦੇ ਕੰਮਾਂ ਲਈ ਵੀ ਹਜ਼ਾਰਾਂ ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਬਜਟ ਵਿੱਚ ਰੱਖੇ ਗਏ ਹਨ। ਇਸ ਲਈ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਅਤੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਸ਼ਲਾਘਾ ਦੇ ਹੱਕਦਾਰ ਹਨ।

  • ਬਜ਼ਟ ਸੈਸ਼ਨ ਵਿੱਚ ਟਰਾਂਸਪੋਰਟ ਵਿਭਾਗ ਅਤੇ ਕੱਚੇ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਦੇ ਹੱਥ ਖਾਲੀ, ਫ੍ਰੀ ਸਫ਼ਰ ਦੇ 700 ਕਰੋੜ+ ਦੇਣਦਾਰੀ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲ ਖੜੀ ਵਿਭਾਗ ਬੰਦ ਹੋਣ ਦੇ ਕਿਨਾਰੇ : ਰੇਸ਼ਮ ਸਿੰਘ ਗਿੱਲ

    ਬਜ਼ਟ ਸੈਸ਼ਨ ਵਿੱਚ ਟਰਾਂਸਪੋਰਟ ਵਿਭਾਗ ਅਤੇ ਕੱਚੇ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਦੇ ਹੱਥ ਖਾਲੀ, ਫ੍ਰੀ ਸਫ਼ਰ ਦੇ 700 ਕਰੋੜ+ ਦੇਣਦਾਰੀ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲ ਖੜੀ ਵਿਭਾਗ ਬੰਦ ਹੋਣ ਦੇ ਕਿਨਾਰੇ : ਰੇਸ਼ਮ ਸਿੰਘ ਗਿੱਲ

    Chandigarh : ਅੱਜ ਮਿਤੀ 27-3-2025 ਨੂੰ ਪੰਜਾਬ ਰੋਡਵੇਜ/ਪਨਬੱਸ/ਪੀ. ਆਰ.ਟੀ.ਸੀ ਕੰਟਰੈਕਟ ਵਰਕਰਜ਼ ਯੂਨੀਅਨ ਪੰਜਾਬ ਰਜਿ: 25/11 ਵਲੋ ਸਾਝੇ ਤੌਰ ਤੇ ਪ੍ਰੈੱਸ ਬਿਆਨ ਜਾਰੀ ਕਰਦਿਆ ਸੂਬਾ ਚੈਅਰਮੈਨ ਬਲਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ,ਪ੍ਰਧਾਨ ਰੇਸ਼ਮ ਸਿੰਘ ਗਿੱਲ, ਮੀਤ ਪ੍ਰਧਾਨ ਹਰਕੇਸ਼ ਕੁਮਾਰ, ਸੈਕਟਰੀ ਸ਼ਮਸ਼ੇਰ ਸਿੰਘ, ਜਗਤਾਰ ਸਿੰਘ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਸੈਸ਼ਨ ਵਿੱਚ ਕੱਚੇ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਅਤੇ ਟਰਾਂਸਪੋਰਟ ਵਿਭਾਗ ਲਈ ਕੋਈ ਵੀ ਯੋਗ ਫੈਸਲਾ ਨਾ ਕਰਨਾ ਇਹ ਸਾਬਿਤ ਕਰਦਾ ਹੈ ਕਿ ਸਰਕਾਰ ਦੀ ਟਰਾਂਸਪੋਰਟ ਵਿਭਾਗ ਪ੍ਰਤੀ ਬੇਰੁਖ਼ੀ ਅਤੇ ਨਿੱਜੀਕਰਨ ਵੱਲ ਜ਼ੋਰ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ ਕਿਉਂਕਿ ਸੈਸ਼ਨ ਵਿੱਚ ਜ਼ੋ ਔਰਤਾ ਨੂੰ ਫ੍ਰੀ ਸਫ਼ਰ ਸਹੂਲਤ ਦੇ ਲਈ 450 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਬਜਟ ਰੱਖਿਆ ਗਿਆ ਹੈ ਉਸ ਤੋਂ ਕਿਤੇ ਵੱਧ ਫ੍ਰੀ ਸਫ਼ਰ ਲੱਗਭੱਗ ਕੇਵਲ 3 ਮਹੀਨਿਆਂ ਵਿੱਚ ਹੀ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਸ ਸਮੇਂ ਸਰਕਾਰ ਪਾਸੋਂ ਟਰਾਂਸਪੋਰਟ ਵਿਭਾਗਾ ਦੇ ਫ੍ਰੀ ਸਫ਼ਰ ਸਹੂਲਤਾਂ ਦੇ 600-700 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਲੈਣਦਾਰੀਆ ਬਕਾਇਆ ਰਾਸ਼ੀ ਹੈ ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਟਰਾਂਸਪੋਰਟ ਵਿਭਾਗਾਂ ਦੀ ਹਾਲਤ ਪਹਿਲਾ ਹੀ ਬਹੁਤ ਖ਼ਸਤਾ ਹੈ ਕੋਈ ਵੀ ਨਵੀਂ ਬੱਸ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਗਈ ਟਾਇਰਾਂ ਅਤੇ ਸਪੇਅਰ ਪਾਰਟ ਤੋਂ ਬੱਸਾਂ ਖੜੀਆਂ ਹਨ ਪਨਬਸ ਵਿੱਚ ਟਿਕਟ ਮਸ਼ੀਨਾਂ ਤੱਕ ਨਹੀਂ ਹਨ ਸਰਕਾਰ ਬਣੀ ਨੂੰ 3 ਸਾਲ ਤੋਂ ਉਪਰ ਸਮਾਂ ਬੀਤ ਗਿਆ ਹੈ ਹੁਣ ਟਰਾਸਪੋਟ ਵਿਭਾਗ ਦੇ ਕੱਚੇ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਨੂੰ ਪੱਕਾ ਨਹੀਂ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਅਤੇ ਨਾ ਹੀ ਸਰਕਾਰੀ ਬੱਸਾਂ ਪਾਈਆਂ ਗਈਆਂ ਹਨ ਜਦੋਂ ਕਿ ਪਨਬਸ ਅਤੇ ਪੀ ਆਰ ਟੀ ਸੀ ਵਿਭਾਗਾਂ ਨੇ ਆਪਣੇ ਪੱਧਰ ਤੇ ਲੋਨ ਦੀ ਸਹਾਇਤਾ ਨਾਲ ਬੱਸ ਖਰੀਦਣੀਆ ਹੁੰਦੀ ਹਨ ਉਸ ਦੀ ਪ੍ਰਵਾਨਗੀ ਦੇਣ ਵਿੱਚ ਵੀ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਅਸਮਰੱਥ ਰਹੀ ਹੈ ਜਾਂ ਫੇਰ ਵਿਭਾਗ ਦਾ ਨਿੱਜੀਕਰਨ ਕਰਨ ਦੀ ਤਿਆਰੀ ਜਾਪਦੀ ਹੈ ਜਿਸ ਤਹਿਤ ਆਪਣੇ ਚਹੇਤਿਆਂ ਦੀਆਂ ਬੱਸਾਂ ਕਿਲੋਮੀਟਰ ਸਕੀਮ ਤਹਿਤ ਪਾਉਣ ਦੀ ਤਿਆਰੀ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਜਿਸ ਦਾ ਯੂਨੀਅਨ ਸਖ਼ਤ ਵਿਰੋਧ ਕਰਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਕਿਸੇ ਵੀ ਕੀਮਤ ਤੇ ਪ੍ਰਾਈਵੇਟ ਬੱਸਾਂ ਨਹੀਂ ਪੈਣ ਦਿੱਤੀਆਂ ਜਾਣਗੀਆਂ।

    ਕੈਸ਼ੀਅਰ ਬਲਜੀਤ ਸਿੰਘ, ਰਮਨਦੀਪ ਸਿੰਘ, ਜੁਆਇੰਟ ਸਕੱਤਰ ਜੋਧ ਸਿੰਘ,ਜਲੋਰ ਸਿੰਘ, ਮੀਤ ਪ੍ਰਧਾਨ ਬਲਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ, ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ,ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਪੰਜਾਬ ਨੇ 1 ਜੁਲਾਈ 2024 ਨੂੰ ਜੰਥੇਬੰਦੀ ਨਾਲ ਮੀਟਿੰਗ ਕਰਕੇ 1 ਮਹੀਨੇ ਦੇ ਵਿੱਚ ਮੰਗਾ ਦਾ ਹੱਲ ਕਰਨ ਦਾ ਭਰੋਸਾ ਦਿੱਤਾ ਸੀ ਉਸ ਉਪਰੰਤ ਟਰਾਂਸਪੋਰਟ ਮੰਤਰੀ ਪੰਜਾਬ ਅਤੇ ਐਡਵੋਕੇਟ ਜਨਰਲ ਪੰਜਾਬ ਨੇ 17 ਫਰਵਰੀ 2025 ਨੂੰ ਮੀਟਿੰਗ ਕਰਕੇ 10 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਟਰਾਂਸਪੋਰਟ ਵਿਭਾਗ ਦੀ ਵੱਖਰੀ ਪਾਲਸੀ ਬਣਾਉਣ ਅਤੇ ਕੈਬਨਿਟ ਵਿੱਚ ਪਾਸ ਕਰਨ ਲਈ ਕਿਹਾ ਸੀ ਪਰ ਹੁਣ ਤੱਕ ਕੋਈ ਵੀ ਮਸਲੇ ਦਾ ਹੱਲ ਨਹੀਂ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਇਸ ਬਜਟ ਸੈਸ਼ਨ ਦੇ ਵਿੱਚ ਟਰਾਂਸਪੋਰਟ ਵਿਭਾਗ ਦੇ ਕੱਚੇ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਨੂੰ ਵਿਭਾਗ ਪ੍ਰਤੀ ਅਤੇ ਆਪਣੀਆਂ ਮੰਗਾਂ ਦਾ ਹੱਲ ਹੋਣ ਦੀਆ ਉਮੀਦਾਂ ਸਨ ਪ੍ਰੰਤੂ ਇੱਕ ਵੀ ਮੰਗਾਂ ਦਾ ਹੱਲ ਨਹੀਂ ਕੀਤਾ ਹਾਂਲਕੇ ਬਜਟ ਸੈਸ਼ਨ ਦੌਰਾਨ ਕੱਚੇ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਪੱਕੇ ਕਰਨ ਦੀ ਕੋਈ ਵੀ ਗੱਲ ਦਾ ਜਿਕਰ ਤੱਕ ਨਹੀ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਫ੍ਰੀ ਸਫ਼ਰ ਸਹੂਲਤਾਂ ਲਈ ਨਾ ਮਾਤਰ ਪੈਸੇ ਰੱਖੇ ਗਏ ਹਨ ਜਿਸ ਤੋਂ ਨਿਰਾਸ਼ ਹੋ ਕੇ ਯੂਨੀਅਨ ਵਲੋ 1 ਅਪ੍ਰੈਲ ਨੂੰ ਜਲੰਧਰ ਬੱਸ ਸਟੈਂਡ ਤੇ ਸੂਬਾ ਕਮੇਟੀ ਦੀ ਮੀਟਿੰਗ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਅਤੇ ਮੀਟਿੰਗ ਉਪਰੰਤ ਪ੍ਰੈੱਸ ਕਾਨਫਰੰਸ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦਾ ਪਰਦਾਫਾਸ਼ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ ਕਿ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਲੋਕਾ ਨਾਲ ਜੋਂ ਵਾਅਦੇ ਕੀਤੇ ਸਨ ਉਹਨਾ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਵੀ ਵਾਅਦਾ ਪੂਰਾ ਨਹੀ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਸਗੋ ਆਪਣੇ ਚਹੇਤਿਆ ਨੂੰ ਖੁਸ਼ ਕਰਨ ਲਈ ਟਰਾਂਸਪੋਰਟ ਵਿਭਾਗਾਂ ਵਿੱਚ ਕਿਲੋਮੀਟਰ ਸਕੀਮ ਤਹਿਤ ਬੱਸਾਂ ਪਾਉਣਾ ਕੱਚੇ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਨੂੰ ਵਾਰ ਵਾਰ ਲਾਰੇ ਲੱਪੇ ਲਗਾ ਕੇ ਸਮਾਂ ਟਪਾਉਣ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਯੂਨੀਅਨ ਵਲੋ ਇਹ ਵੀ ਸਪੱਸ਼ਟ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਕਿ ਜੇਕਰ ਸਰਕਾਰ ਜਾ ਮੈਨੇਜਮੈਂਟ ਵਲੋ ਮੰਗਾਂ ਦਾ ਹੱਲ ਨਾ ਕੱਢਿਆ ਗਿਆ ਤਾਂ ਪਹਿਲਾ ਤੋ ਦਿੱਤੇ ਗਏ ਨੋਟਿਸ ਤਹਿਤ ਆਪਣੇ ਸੰਘਰਸ਼ਾਂ ਨੂੰ ਤੇਜ਼ ਕਰਨ ਸਮੇਤ ਆਉਣ ਵਾਲੀ 3 ਅਪ੍ਰੈਲ 2025 ਨੂੰ ਸਮੂੰਹ ਬੱਸ ਸਟੈਂਡ ਬੰਦ ਕਰਕੇ ਸਰਕਾਰ ਅਤੇ ਮੈਨੇਜਮੈਂਟ ਵਿਰੁੱਧ ਰੋਸ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਕੀਤੇ ਜਾਣਗੇ ਅਤੇ 7-8-9 ਅਪ੍ਰੈਲ  ਦੀ ਪੂਰੇ ਪੰਜਾਬ ਅੰਦਰ ਹੜਤਾਲ ਕਰਨ ਸਮੇਤ ਧਰਨੇ-ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਰਹਾਇਸ਼ ਦਾ ਧਰਨਾ ਸਮੇਤ ਤਿੱਖੇ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਕਰਨ ਦੀ ਤਿਆਰੀ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਬੱਸਾਂ ਵਿੱਚ ਭੰਡੀ ਪ੍ਰਚਾਰ ਕਰਕੇ ਸਰਕਾਰ ਦੀਆਂ ਨੀਤੀਆਂ ਤੋਂ ਜਾਣੂ ਕਰਵਾਇਆ ਜਾਵੇਗਾ ਅਤੇ ਮੰਗਾ ਨਾ ਪੂਰੀਆ ਹੋਣ ਤੱਕ ਸਘੰਰਸ਼ ਜਾਰੀ ਰਹੇਗੀ।

  • अर्बन एस्टेट के रेस्टोरेंट ग्रिल अफेयर में रोजा इफ्तार कार्यक्रम का आयोजन, पुलिस अधिकारी, राजनीतिक, सामाजिक लोग पहुंचे

    अर्बन एस्टेट के रेस्टोरेंट ग्रिल अफेयर में रोजा इफ्तार कार्यक्रम का आयोजन, पुलिस अधिकारी, राजनीतिक, सामाजिक लोग पहुंचे

    Jalandhar : रमजान का पाक महीना जारी है, वीरवार को 26वां रोजा रखा गया। अर्बन एस्टेट स्थित ग्रिल अफेयर में रोजा इफ्तार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें विशेष रुप से एडीजीपी एमएफ़ फारुकी, पूर्व विधायक राजिंदर बेरी, मोहम्मद यशहर, पूर्व अल्पसंख्यक अायोग मैंबर नासिर सलमानी, मुस्लिम संगठन पंजाब के प्रधान एडवोकेट नईम खान, कांग्रेसी नेता जब्बार खान, ठेकेदार यूनियन के प्रधान अमजद अली खान, अयूब खान, अयाज सलमानी मैक्स, दानिश सलमानी, वसीम सलमानी, आलम सलमानी, अयूब सलमानी, आजाद सलमानी, अरशद खान, इरशाद सलमानी, सिकंदर शेख, एडवोकेट सुंदर व अन्य सदस्य मौजूद थे। इस दौरान सभी लोगों ने मौलाना अबू बकर की अगुआई में मगरिब की नमाज अदा की और दुअा में हिस्सा भी लिया।

  • मस्जिद-ए-कुबा खांबड़ा में तरावीह की नमाज हुई मुकम्मल, देश में अमन व भाईचारे के लिए की दुआ

    मस्जिद-ए-कुबा खांबड़ा में तरावीह की नमाज हुई मुकम्मल, देश में अमन व भाईचारे के लिए की दुआ

    जालंधर 24 मार्च (): रमजान उल मुबारक के पवित्र महीने के 21वें तरावीह के मौके पर मस्जिद ए कुबा खांबड़ा में तरावीह की नमाज में कुरान मुकम्मल किया गया। मौके पर बड़ी संख्या में रोजेदार मुसलमानों ने शिरकत किए और अपने परिवार, समाज और पूरी इंसानियत के लिए दुआएं की। तरावीह की नमाज के बाद मोलाना अबु बकर ने दुआ कराई। रोजेदारों मुसलमानों ने अपने बच्चों, परिवार और समाज की सलामती और तरक्की के लिए अल्लाह से फरियाद की।
    तरावीह पढ़ाने वाले हाफिज कारी अनस व हाफिज एजाज को मस्जिद ए कुबा के प्रधान मजहर आलम मजाहिरी व मेहमान ए खसुसी मुस्लिम संगठन पंजाब के प्रधान एडवोकेट नईम खान, कांग्रेस के सीनियर लीडर जब्बार खान, कांग्रेस अल्पसंख्यक सेल के जिला प्रधान मोबीन ठेकेदार, अमजद अली खान, अरशद खान,अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व सदस्य नासिर सलमानी, सोशल वर्कर कयूम खान, अब्दुल सत्तार ठेकेदार नकोदर, मोहम्मद निहाल, शमशाद ठेकेदार नकोदर, शाहरुख खान चिंटु, वसीम खान, वाजिद सलमानी, वसीम सलमानी, इरफान सलमानी, गुड्डू भाई शिव नगरा नागरा, सरफु, सिकंदर सैख,मोलाना अमानुल्लाह मज़ाहिरी कपुरथला, अकबर आलम, मसूद आलम, शमशेर , समीर सलमानी ने नजराना देकर व फूल मालाएं पहनाकर सम्मानित किया।
    मुस्लिम संगठन पंजाब प्रधान एडवोकेट नईम खान ने कहा कि रमजान का यह पवित्र महीना भाईचारे और अमन का संदेश देता है जो खांबड़ा की इस तस्वीर ने यह साबित कर दिया की समाज में मोहब्बत और इंसानियत की भावना कितनी मजबूत है।
    उनहोंने कहा कि रमजान का महीना सिर्फ इबादत का ही नहीं, बल्कि इंसानियत और एकता का भी पैगाम देता है।
    मस्जिद में मौजूद लोग इस बात से बेहद खुश नजर आए कि इतने बड़े आयोजन में सभी ने एक-दूसरे का साथ दिया और दुआओं में शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन ने यह साबित किया कि चाहे कोई भी धर्म हो, उसकी जड़ें हमेशा मोहब्बत और शांति में होती हैं। आखिर में मजहर आलम ने आए हुए हभी मेहमानों का शुक्रिया अदा किया।

  • पंजाब के गवर्नर गुलाब चंद कटारिया से मिले कांग्रेस नेता मोहम्मद गुलाब

    पंजाब के गवर्नर गुलाब चंद कटारिया से मिले कांग्रेस नेता मोहम्मद गुलाब

    चंडीगढ़ : पंजाब के मुसलमानों की शिक्षा, आर्थिक स्थिति और कब्रिस्तानों की समस्याओं को लेकर ऑल इंडिया कांग्रेस माइनॉरिटी डिपार्टमेंट के नेशनल कोऑर्डिनेटर और छत्तीसगढ़ के प्रभारी मोहम्मद गुलाब ने आज पंजाब के गवर्नर गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की और उन्हें एक ज्ञापन सौंपा।
    इसमें मांग की गई कि पंजाब में मुस्लिम बच्चों के जाति प्रमाण पत्र बनवाने में बड़ी दिक्कत आ रही है। पंजाब सरकार के गजट में मुस्लिम समुदाय की कई जातियों के नाम दर्ज नहीं हैं, जिस वजह से विभागों के अधिकारी प्रमाण पत्र जारी करने से मना कर देते हैं। इसके कारण हजारों बच्चों को स्कूल-कॉलेजों में मिलने वाली सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं, और उन्हें स्कॉलरशिप भी नहीं मिलती क्योंकि सरकार की ओर से स्कॉलरशिप की राशि जारी नहीं की जाती। इस वजह से कई बच्चे आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई बीच में ही छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं।
    मोहम्मद गुलाब ने कब्रिस्तान की मांगों पर ध्यान आकर्षित करते हुए गवर्नर गुलाब चंद कटारिया से कहा कि अभी भी कई जिले ऐसे हैं जहां मुसलमानों को स्थायी रूप से कब्रिस्तान की जमीन उपलब्ध नहीं कराई गई है। न तो वक्फ बोर्ड की ओर से और न ही पंजाब सरकार की ओर से कोई पहल की गई है, जिससे लोग अपने परिजनों के शवों को उत्तर प्रदेश और बिहार ले जाने के लिए मजबूर हैं।
    उन्होंने मांग की कि पंजाब के मुस्लिम हज यात्रियों को मक्का-मदीना की यात्रा के लिए हज कमेटी से मिलने वाली सुविधाएं नहीं मिल पातीं, जिससे उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
    मोहम्मद गुलाब ने यह भी मांग की कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पंजाब में रहने वाले गरीब मुस्लिम परिवारों को भी घर उपलब्ध कराया जाए।
    मोहम्मद गुलाब की मांगों पर गवर्नर गुलाब चंद कटारिया ने सहमति जताते हुए आश्वासन दिया कि उनकी मांगें बहुत महत्वपूर्ण हैं और संबंधित विभागों को भेजकर जल्द समाधान कराया जाएगा।