चंडीगढ़, 24 जुलाई।
पंजाब डेमोक्रेटिक फ्रंट के पंजाब चेयरमैन अख्तर सलमानी ने आज जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र और संविधान में दिए गए शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार पर सीधा हमला बताया। उन्होंने कहा कि देश का युवा अपने भविष्य, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहा है, लेकिन उसकी आवाज सुनने के बजाय उस पर लाठियां बरसाई जा रही हैं।
अख्तर सलमानी व पंजाब उपाध्यक्ष लियाकत अली गुर्जर ने कहा कि यदि सरकार छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय पुलिस बल का प्रयोग करेगी तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। छात्रों की मांगों को दबाने के बजाय सरकार को उनके साथ संवाद करना चाहिए और शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े लगातार उठ रहे सवालों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो सके और देश के छात्रों का विश्वास दोबारा कायम हो।
इस मुद्दे को लेकर आज पंजाब डेमोक्रेटिक फ्रंट की ओर से जोरदार प्रदर्शन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने “छात्रों पर लाठीचार्ज बंद करो”, “शिक्षा बचाओ, युवा बचाओ” और “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो” जैसे नारे लगाकर केंद्र सरकार के खिलाफ अपना रोष व्यक्त किया।
अख्तर सलमानी ने मांग की कि:
जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराई जाए।
दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी मामलों को वापस लिया जाए।
छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार किए जाएं।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा दें।
अंत में अख्तर सलमानी व लियाकत अली ने कहा कि पंजाब डेमोक्रेटिक फ्रंट देश के छात्रों के साथ मजबूती से खड़ा है और जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलता, संगठन लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपना संघर्ष जारी रखेगा।
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