पैगंबर के खिलाफ आपत्तिजनक बयान बर्दाश्त नहीं, सख्त और गैर-जमानती कानून बनाया जाए: हाजी आबिद हसन सलमानी

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जालंधर, 25 जून : ऑल इंडिया जमात सलमानी ट्रस्ट के चेयरमैन तथा ईमारत-ए शरिया पंजाब के उप प्रधान हाजी आबिद हसन सलमानी ने देश में पैगंबर-ए-इस्लाम हज़रत मोहम्मद साहब तथा अन्य पैगंबरों के संबंध में दिए जा रहे आपत्तिजनक और भड़काऊ बयानों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई समय की आवश्यकता है।

अपने एक बयान में हाजी आबिद हसन सलमानी ने कहा कि सभी धर्मों के पूजनीय व्यक्तित्वों, पैगंबरों और धार्मिक महापुरुषों का सम्मान भारत की साझा संस्कृति और संवैधानिक मूल्यों का अभिन्न हिस्सा है। किसी भी धर्म की पवित्र हस्तियों के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग न केवल करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाओं को आहत करता है, बल्कि समाज में नफरत, तनाव और अशांति को भी बढ़ावा देता है।

उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से मांग की कि पैगंबर-ए-इस्लाम हज़रत मोहम्मद मुस्तफ़ा , अन्य पैगंबरों तथा सभी धर्मों की पूजनीय हस्तियों के खिलाफ आपत्तिजनक और भड़काऊ बयान देने वालों के लिए सख्त कानून बनाया जाए, जिसके तहत तत्काल कार्रवाई और कठोर दंड सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान कानूनों के तहत कई मामलों में आरोपी आसानी से जमानत प्राप्त कर लेते हैं, जिससे ऐसे लोगों के हौसले बढ़ते हैं।

हाजी आबिद हसन सलमानी ने मांग की कि धार्मिक वैमनस्य फैलाने और पूजनीय हस्तियों के अपमान से जुड़े मामलों में सख्त तथा प्रभावी कानूनी प्रावधान लागू किए जाएं, ताकि कोई भी व्यक्ति धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करने का दुस्साहस न कर सके। उन्होंने कहा कि देश में सांप्रदायिक सौहार्द, भाईचारे और आपसी सम्मान को बनाए रखने के लिए ऐसी हरकतों के खिलाफ मजबूत कानूनी व्यवस्था बेहद जरूरी है।

उन्होंने लोगों से भी अपील की कि ऐसे भड़काऊ बयानों के जवाब में शांति, संयम और कानून का रास्ता अपनाएं तथा देश की एकता, अखंडता और भाईचारे को मजबूत बनाने में अपना योगदान दें।

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