जालंधर। मोदी सरकार की तरफ से वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ पंजाब भर से रोष प्रदर्शन खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को जमीयत उलेमा-ए-हिंद की अगुआई में तीखा रोष प्रदर्शन किया गया। खांबड़ा में मस्जिद ए कुबा में संगठन के प्रधान मोहम्मद मजहर अालम मजाहिरी की तरफ से सैकड़ों लोगों के साथ पूतला फूंक प्रदर्शन किया। मजहर अालम ने कहा कि साल 2014 से ही केंद्र की मोदी सरकार देश में हिंदू-मुस्लिम की नफरत भरी राजनीति कर रही है और उनकी तरफ से मुस्लिम समुदाय को हमेशा से टार्गेट किया जा रहा है। वक्फ संशोधन बिल भी इसी कड़ी का हिस्सा है। उन्होंेने कहा कि बीजेपी सरकार तो मुस्लिम समुदाय के खिलाफ काम कर ही रही है लेकिन मुस्लिम समुदाय को उम्मीद थी कि बिहार के मुख्यमंत्री नितिश कुमार, अांध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्र बाबू नायडू, लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख चिराग पासवान की तरफ से भी मुस्लिम समुदाय की पीठ में छूरा मारा गया है। जबकि करोड़ों लोगों की तरफ से इन तीनों पार्टी प्रमुख के साथ हमेशा कंधे से कंधा मिलाकर काम किया गया है। बिहार में बड़ा वर्ग नितिश कुमार के साथ खड़ा है, लेकिन बिल का समर्थन करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण मामला है। जिसके रोष स्वरुप शुक्रवार को नितिश कुमार, चंद्र बाबू नायडू और चिराग पासवान का पूतला फूंक प्रदर्शन किया गया है।
मजहर अालम ने कहा कि अाने वाले दिनों में पंजाब से मुहिम शुरू की जाएगी जिसमें मुस्लिम समुदाय को बिहार के मुख्यमंत्री नितिश कुमार, चंद्र बाबू नायडू और चिराग पासवान के खिलाफ जागरुक किया जाएगा। इस मौके पर पूर्व वक्फ बोर्ड मैंबर मोहम्मद कलीम अाजाद व अन्य बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग मौजूद रहे।
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पंजाब के जालंधर में मुस्लिम समुदाय ने CM नितिश कुमार, CM चंद्र बाबू नायडू और चिराग पासवान का पूतला फूंक
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बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल और रणदीप हुड्डा पर जिला जालंधर में केस दर्ज
जालंधर।
सनी देओल और रणदीप हुड्डा की फिल्म जाट कुछ दिन पहले ही रिलीज हुई है। पंजाब में ईसाई समुदाय ने फिल्म में उनके धर्म से जुड़ी वस्तुओं का अनादर करने का आरोप लगाकर प्रदर्शन किया था। कुछ दिन पहले सिनेमाघरों में रिलीज हुई सनी देओल और रणदीप हुड्डा की फिल्म जाट के खिलाफ पंजाब में ईसाई समुदाय द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया था। इसके बाद जालंधर में एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि फिल्म में अभिनेता रणदीप हुड्डा ने ईसा मसीह और ईसाई धर्म में इस्तेमाल की जाने वाली पवित्र चीजों का अनादर किया है।
जानकारी के अनुसार, जालंधर के सदर थाने में जाट फिल्म के बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल, रणदीप हुड्डा, विनीत कुमार, निर्देशक गोपी चंद, निर्माता नवीन मालिनेनी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इसको लेकर पिछले कुछ दिनों से ईसाई समाज रोष व्यक्त कर रहा था। -

ਆਪ ਨੇਤਾ ਦੀਪਕ ਬਾਲੀ ਨੇ ਪ੍ਰਤਾਪ ਬਾਜਵਾ ਨੂੰ ਲਿਆ ਆੜੇ ਹੱਥੀਂ, ਕਿਹਾ ਜਦੋਂ ਤੁਸੀਂ ਮੀਡੀਆ ਵਿੱਚ ਇਹ ਬਿਆਨ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਪੁਲਿਸ ਨੂੰ ਕਿਉਂ ਨਹੀਂ ਦੱਸ ਰਹੇ
ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ, 14 ਅਪ੍ਰੈਲ
ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ (ਆਪ) ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸੀਨੀਅਰ ਆਗੂ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਸੈਰ-ਸਪਾਟਾ ਅਤੇ ਸੱਭਿਆਚਾਰਕ ਵਿਭਾਗ ਦੇ ਸਲਾਹਕਾਰ ਦੀਪਕ ਬਾਲੀ ਨੇ ਕਾਂਗਰਸੀ ਆਗੂ ਪ੍ਰਤਾਪ ਸਿੰਘ ਬਾਜਵਾ ਦੇ ਉਸ ਬਿਆਨ ਦੀ ਸਖ਼ਤ ਨਿੰਦਾ ਕੀਤੀ ਹੈ ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ 50 ਗ੍ਰਨੇਡ ਆਏ ਹਨ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਵਿੱਚੋਂ 18 ਚੱਲ ਚੁੱਕੇ ਹਨ ਅਤੇ 32 ਅਜੇ ਵੀ ਬਾਕੀ ਹਨ।
ਦੀਪਕ ਬਾਲੀ ਨੇ ਕਿਹਾ, “ਬਾਜਵਾ ਸਾਹਿਬ ਤੁਹਾਡੇ ਕੋਲ ਇਨ੍ਹਾਂ ਬੰਬਾਂ ਨੂੰ ਨਸ਼ਟ ਕਰਵਾ ਕੇ ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ ਬਚਾਉਣ ਦਾ ਇਕ ਮੌਕਾ ਹੈ। ਪਰ ਇਹ ਬਹੁਤ ਮੰਦਭਾਗਾ ਹੈ ਕਿ ਮੀਡੀਆ ਕੋਲ ਜਾਣ ਲਈ ਤੁਹਾਡੇ ਕੋਲ ਘੰਟੇ ਹਨ, ਪਰ ਇਸ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਕੰਮ ਲਈ ਸਮਾਂ ਹੀ ਨਹੀਂ ਹੈ,”।
ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਤੁਹਾਡਾ ਉਦੇਸ਼ ਸਿਰਫ਼ ਮੀਡੀਆ ਵਿੱਚ ਬਣੇ ਰਹਿਣਾ ਹੈ। ਤੁਹਾਨੂੰ ਨਹੀਂ ਪਤਾ ਕਿ ਇਸ ਦਾ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ‘ਤੇ ਕੀ ਪ੍ਰਭਾਵ ਪਵੇਗਾ। ਜੇਕਰ ਤੁਸੀਂ ਸੱਚਮੁੱਚ ਪੰਜਾਬ ਬਾਰੇ ਚਿੰਤਤ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਹਾਡੇ ਕੋਲ ਜੋ ਵੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਹੈ, ਤੁਰੰਤ ਪੁਲਿਸ ਨੂੰ ਦਿਓ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਜਾਂਚ ਕਰਵਾਓ। ਤੁਹਾਨੂੰ ਪੁਲਿਸ ਨੂੰ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦੇਣ ਵਿੱਚ ਕੀ ਸਮੱਸਿਆ ਹੈ?
ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਸੁਰੱਖਿਆ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਸ਼ੱਕ ਦੀ ਕੋਈ ਗੁੰਜਾਇਸ਼ ਨਹੀਂ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ। ਇਹ ਗ੍ਰਨੇਡ ਜਾਨ-ਮਾਲ ਦਾ ਵੱਡਾ ਨੁਕਸਾਨ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਸਿਰਫ਼ ਪੁਲਿਸ ਹੀ ਇਸ ਦਾ ਹੱਲ ਲੱਭ ਸਕਦੀ ਹੈ। ਇਸ ਲਈ, ਜੇਕਰ ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਤੁਹਾਨੂੰ ਪੁੱਛਗਿੱਛ ਲਈ ਬੁਲਾਇਆ ਹੈ, ਤਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਤੁਰੰਤ ਜਾਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਸਾਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦੇਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ। ਪਰ ਪੁਲਿਸ ਕੋਲ ਜਾਣ ਦੀ ਬਜਾਏ, ਤੁਸੀਂ ਵਕੀਲ ਕੋਲ ਗਏ।
ਬਾਲੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪ੍ਰਤਾਪ ਬਾਜਵਾ ਨੂੰ ਸਾਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਪੁਲਿਸ ਨੂੰ ਦੇ ਕੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਸ਼ੰਕਾ ਨੂੰ ਦੂਰ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ। ਪਰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਹਰਕਤਾਂ ਤੋਂ ਸਾਫ਼ ਜ਼ਾਹਿਰ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਕਿ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਪੰਜਾਬ ਅਤੇ ਉਸ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਸੁਰੱਖਿਆ ਦੀ ਕੋਈ ਚਿੰਤਾ ਨਹੀਂ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਸਿਰਫ਼ ਮੀਡੀਆ ਵਿੱਚ ਬਣੇ ਰਹਿਣ ਦੀ ਚਿੰਤਾ ਹੈ।
‘ਆਪ’ ਆਗੂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਬਾਜਵਾ ਨੂੰ ਆਪਣੀ ਸੋਚ ਬਦਲਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਜਦੋਂ ਵੀ ਸੂਬੇ ਦੀ ਸੁਰੱਖਿਆ ਨੂੰ ਕੋਈ ਖ਼ਤਰਾ ਹੋਵੇ, ਤਾਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਰਾਜਨੀਤੀ ਤੋਂ ਉੱਪਰ ਉੱਠ ਕੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਸੁਰੱਖਿਆ ‘ਤੇ ਧਿਆਨ ਕੇਂਦਰਿਤ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ।
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पूर्व मंत्री मनोरंजन कालिया से मिले एडवोकेट नईम खान, ग्रेनेड हमले की निंदा की,
जालंधर, 13 अप्रैल : भाजपा के पूर्व मंत्री मनोरंजन कालिया पर बीते दिनों हुए ग्रेनेड हमले की मुस्लिम संगठन पंजाब प्रधान एडवोकेट नईम खान ने कड़ी निंदा की और कहा कि यह एक सुनियोजित साजिश के तहत एक बार फिर से पंजाब में भय का माहौल पैदा करने की कोशिश है।
पूर्व मंत्री मनोरंजन कालिया के घर पहुंचकर एडवोकेट नईम खान ने उनके प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की तथा हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इस हमले ने एक बार फिर पंजाब में कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े कर दिये हैं। उन्होंने इस हमले को सरकार की नाकामी और विफलता का प्रतीक बताया।
उन्होंने कहा कि एक वरिष्ठ जनप्रतिनिधि के घर पर इस तरह का हमला न केवल बेहद निंदनीय है बल्कि यह पूरे प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी खतरे की घंटी है।
एडवोकेट नईम खान ने कहा कि आज पंजाब में अपराध बेलगाम हो चुकी है, हर दिन छीना-झपटी, गोलीबारी , नशे की तस्करी और गेंगवार जैसी घटनाएं आम हो चुकी हैं, आम जनता डरी हुई है और सरकार मुख्य दर्शक बनी बैठी है। आम आदमी पार्टी की सरकार कानून व्यवस्था बनाए रखने में फेलियर साबित हो रही है। -

पूर्व विधायक दलवीर गोल्डी की कांग्रेस में दोबारा से वापसी
चंडीगढ़ – कांग्रेस के पूर्व विधायक दलवीर गोल्डी की शनिवार को कांग्रेस में दोबारा से वापसी हुई है। पंजाब कांग्रेस के इंचार्ज भूपेश बघेल की तरफ से दलवीर गोल्डी को कांग्रेस में दोबारा से शामिल कराया गया। इस मौके पर पंजाब कांग्रेस प्रधान राजा वडिंग और विधानसभा में विपक्षीय दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा भी मौजूद रहे, गौर है कि यूथ कांग्रेस से लेकर विधायक बनने तक दलवीर गोल्डी ने कांग्रेस में अहम भूमिका निभाई है। लेकिन पिछले सालों उन्होंने आम आदमी पार्टी को ज्वाइन किया लेकिन अब फिर से उन्होंने कांग्रेस का दामन थामा है। उनकी कांग्रेस पर वापसी को लेकर काफी विवाद रहा था साल 2017 में विधानसभा चुनाव में दलवीर गोल्डी ने धुरी सीट पर आम आदमी पार्टी के जसबीर सिंह जस्सी को 2838 वोट से हराकर जीत हासिल की थी।
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हरजोत सिंह बैंस ने शिक्षा सुधारों पर सतही राजनीति करने वाले विपक्षी नेताओं को घेरा, कहा, 75 वर्षों में स्कूलों में शौचालय तक नहीं दे सके, कांग्रेस और अकाली-भाजपा
चंडीगढ़, 11 अप्रैल:
राज्य के सरकारी स्कूलों में ‘शिक्षा क्रांति’ अभियान के अंतर्गत शुरू की गई बुनियादी ढांचे की विकास परियोजनाओं पर विपक्ष द्वारा की जा रही सतही और घटिया राजनीति को आड़े हाथों लेते हुए पंजाब के स्कूल शिक्षा मंत्री स हरजोत सिंह बैंस ने आज कांग्रेस और अकाली-भाजपा नेताओं को कड़ी आलोचना का निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के दौर में विद्यार्थियों को शौचालय और चारदीवारी जैसी मूलभूत सुविधाएं तक मयस्सर नहीं थीं। पंजाब भवन में प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए स बैंस ने बताया कि गत अरसे के दौरान सरकारी स्कूलों के दौरे के दौरान कुछ विद्यार्थियों और शिक्षकों ने उन्हें बताया कि शौचालय, चारदीवारी और डेस्क जैसी मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी है, जिस कारण उन्हें स्कूल से बाहर शौच के लिए जाना पड़ता था और डेस्क न होने की वजह से जमीन पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती थी। उन्होंने इसे पिछली सरकारों की शिक्षा के प्रति उदासीनता का नतीजा बताया।उन्होंने कहा कि 75 वर्षों तक ये पार्टियाँ पंजाब को लूटती रहीं और हमारे बच्चे सुविधाओं की कमी के कारण जमीन पर बैठने और हमारी बेटियाँ शौचालयों की कमी के चलते पढ़ाई छोड़ने को मजबूर होती रहीं। अब जबकि मौजूदा सरकार बच्चों को मूलभूत सुविधाएँ प्रदान कर रही है, तो विपक्ष इन प्रयासों से डर कर घटिया राजनीति कर रहा है।
पिछली सरकारों की विफलता को दर्शाने वाले चौंकाने वाले आंकड़े पेश करते हुए शिक्षा मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार बनने से पहले 3,000 से अधिक स्कूलों में शौचालय नहीं थे और 8,000 सरकारी स्कूल बिना चारदीवारी के थे। लगभग तीन लाख विद्यार्थी जमीन पर बैठकर पढ़ने को मजबूर थे।
स बैंस ने मीडिया को सरकारी स्कूलों का दौरा करने और शिक्षा प्रणाली में किए गए सुधारों को खुद देखने का न्योता देते हुए कहा कि कांग्रेस और अकाली-भाजपा को उस समय भी शर्म नहीं आई जब हमारी बेटियों को शौचालयों की कमी के चलते स्कूल छोड़ना पड़ा। उन्होंने कहा कि जिन्होंने पंजाब को बर्बाद किया, उनके बच्चे तो एसी युक्त बाथरूमों वाले स्कूलों में पढ़ते हैं, जहां बाहर सुरक्षा गार्ड तक तैनात होते हैं। वहीं इन नेताओं ने गरीबों का पैसा खाकर अपने लिए फार्म हाउस और फाइव-सेवन स्टार होटल बना लिए।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि विरोधी पार्टियाँ हमारी सरकार के उद्घाटन बोर्डों से भी जलन रखती हैं, क्योंकि हमने तीन साल में वह कर दिखाया जो उन्होंने 75 साल में नहीं किया। ये उद्घाटन पट्ट केवल प्रतीक नहीं, बल्कि कांग्रेस और अकाली-भाजपा सरकारों की नाकामी की याद हैं। उन्होंने दोहराया कि हमारी सरकार ‘पढ़ता पंजाब’ बनाने के लिए वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान की सरकार सभी सरकारी स्कूलों को आवश्यक सुविधाएँ देने के लिए पूरी तरह समर्पित है, जिनमें लड़कियों और लड़कों के लिए अलग-अलग शौचालय, चारदीवारी, स्वच्छ पेयजल, हाई-स्पीड वाई-फाई, आधुनिक स्मार्ट क्लासरूम और फर्नीचर शामिल हैं। ये सुधार पिछले तीन वर्षों में पूरे राज्य के सरकारी स्कूलों में लागू किए गए हैं। बैंस ने बताया कि राज्य के 20,000 सरकारी स्कूलों में इस समय लगभग 28 लाख विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, और ‘शिक्षा क्रांति’ के तहत 2,000 करोड़ रुपये से 12,000 से अधिक स्कूलों में व्यापक बदलाव लाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि आज पंजाब भर के 410 सरकारी स्कूलों में उद्घाटन उपरांत समर्पित की गई बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं का उद्देश्य विधायकों और अधिकारियों को इन स्कूलों का दौरा करने, विद्यार्थियों से बातचीत करने और उन्हें अपने लक्ष्य प्राप्त करने हेतु प्रेरित करना है।
हरजोत बैंस द्वारा श्री आनंदपुर साहिब विधानसभा क्षेत्र में 1.75 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटनश्री आनंदपुर साहिब:
इससे पहले शिक्षा मंत्री स हरजोत सिंह बैंस ने आज अपने विधानसभा क्षेत्र श्री आनंदपुर साहिब के 12 सरकारी स्कूलों में 1.75 करोड़ रुपये से अधिक की बुनियादी ढांचे से संबंधित परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इन प्रोजेक्टों में सरकारी प्राइमरी स्मार्ट स्कूल बड़ा पिंड लोअर के लिए 4.4 लाख रुपए,सरकारी प्राइमरी स्कूल हरदोई हरीपुर में कक्षा कक्ष की मरम्मत के लिए 6.02 लाख रुपए,सरकारी प्राइमरी स्कूल हरदो निर्मोह अपर में चारदीवारी हेतु 3.80 लाख रुपए,सरकारी प्राइमरी स्कूल अटारी में चारदीवारी हेतु 17.6 लाख रुपए,
सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल अटारी में 70 लाख रुपए की योजना में से 35.32 लाख रुपए चारदीवारी, साइंस लैब, नए क्लासरूम और कक्ष मरम्मत हेतु सरकारी प्राइमरी स्कूल पिर्थीपुर में 40 लाख रुपए की लागत से समग्र योजना का शिलान्यास,सरकारी हाई स्कूल पिर्थीपुर में 5.7 लाख रुपए की लागत से बास्केटबॉल कोर्ट का शिलान्यास,
सरकारी प्राइमरी स्कूल निर्मोहगढ़ में 12.55 लाख रुपए की लागत से कक्षा की मरम्मत,
सरकारी प्राइमरी स्कूल हरदो निर्मोह लोअर में 3.8 लाख रुपए की लागत से चारदीवारी,सरकारी प्राइमरी स्कूल नौ लाखा में 2.55 लाख रुपए की लागत से कक्षा की मरम्मत,सरकारी मिडल स्कूल नौ लाखा में 6.75 लाख रुपए की लागत से चारदीवारी और सरकारी प्राइमरी स्कूल डाढ़ी में 2.55 लाख रुपए की लागत से मरम्मत एवं नवीनीकरण करना शामिल है। -

ਅਸੀਂ ਪੰਨੂ ਵਰਗੇ ਲੋਕਾਂ ਦੀਆਂ ਧਮਕੀਆਂ ਤੋਂ ਡਰਨ ਵਾਲੇ ਨਹੀਂ, 14 ਤਰੀਕ ਨੂੰ ਦੇਵਾਂਗੇ ਮੂੰਹ-ਤੋੜ ਜਵਾਬ – ਬਰਿੰਦਰ ਗੋਇਲ
ਸੰਗਰੂਰ/ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ, 10 ਅਪ੍ਰੈਲ
ਖਾਲਿਸਤਾਨੀ ਸਮਰਥਕ ਗੁਰਪਤਵੰਤ ਪੰਨੂ ਵੱਲੋਂ ਡਾ. ਭੀਮ ਰਾਓ ਅੰਬੇਡਕਰ ਬਾਰੇ ਦਿੱਤੇ ਗਏ ਅਪਮਾਨਜਨਕ ਬਿਆਨ ‘ਤੇ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਨੇਤਾ ਅਤੇ ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਬਰਿੰਦਰ ਗੋਇਲ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਬਾਬਾ ਸਾਹਿਬ ਕਿਸੇ ਇੱਕ ਧਰਮ ਜਾਂ ਜਾਤੀ ਦੇ ਨਹੀਂ ਹਨ। ਪੂਰਾ ਦੇਸ਼ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਸਤਿਕਾਰ ਕਰਦਾ ਹੈ। ਪੰਨੂ ਨੂੰ ਅੰਬੇਡਕਰ ਦੇ ਦੇਸ਼ ਪ੍ਰਤੀ ਯੋਗਦਾਨ ਬਾਰੇ ਕੁਝ ਨਹੀਂ ਪਤਾ। ਇਸੇ ਲਈ ਉਹ ਇੰਨੀਆਂ ਘਟੀਆ ਟਿੱਪਣੀਆਂ ਕਰ ਰਿਹਾ ਹੈ।
ਬਰਿੰਦਰ ਗੋਇਲ ਨੇ ‘ਆਪ’ ਵਿਧਾਇਕ ਨਰਿੰਦਰ ਕੌਰ ਭਰਾਜ ਅਤੇ ਕੁਲਵੰਤ ਸਿੰਘ ਪੰਡੋਰੀ ਨਾਲ ਸੰਗਰੂਰ ਵਿੱਚ ਮੀਡੀਆ ਨੂੰ ਸੰਬੋਧਨ ਕਰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਬਾਬਾ ਸਾਹਿਬ ਅੰਬੇਡਕਰ ਦੁਆਰਾ ਬਣਾਇਆ ਗਿਆ ਸੰਵਿਧਾਨ ਹੈ ਜਿਸ ਨੇ ਅੱਜ ਪੂਰੇ ਦੇਸ਼ ਨੂੰ ਇੱਕਜੁੱਟ ਰੱਖਿਆ ਹੈ। ਭਾਰਤ ਦੇ ਸੰਵਿਧਾਨ ਦੀ ਚਰਚਾ ਪੂਰੀ ਦੁਨੀਆ ਵਿੱਚ ਹੁੰਦੀ ਹੈ। ਇੰਨੀ ਮਹਾਨ ਸ਼ਖ਼ਸੀਅਤ ਵਿਰੁੱਧ ਇੰਨਾ ਘਟੀਆ ਬਿਆਨ ਦੇਣਾ ਬਹੁਤ ਮੰਦਭਾਗਾ ਹੈ।
ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਗੁਰਪਤਵੰਤ ਸਿੰਘ ਪੰਨੂ ਦਾ ਸਿੱਖ ਧਰਮ ਨਾਲ ਸਬੰਧ ਹੈ ਪਰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਸਿੱਖ ਧਰਮ ਦਾ ਕੋਈ ਗਿਆਨ ਨਹੀਂ ਹੈ। ਸਿੱਖ ਧਰਮ ਦੇ ਦਸਵੇਂ ਗੁਰੂ, ਗੁਰੂ ਗੋਬਿੰਦ ਸਿੰਘ ਜੀ ਨੇ ਦਲਿਤਾਂ ਨੂੰ ਰੰਗਰੇਟੇ ਗੁਰੂ ਦੇ ਬੇਟੇ ਕਿਹਾ।
ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਦਰਅਸਲ ਪੰਨੂ ਦੀ ਦੁਕਾਨਦਾਰੀ ਅਜਿਹੇ ਬਿਆਨਾਂ ‘ਤੇ ਚੱਲਦੀ ਹੈ, ਇਸੇ ਲਈ ਉਹ ਅਕਸਰ ਅਜਿਹੇ ਭੜਕਾਊ ਬਿਆਨ ਦਿੰਦਾ ਹੈ ਜੋ ਸਮਾਜ ਨੂੰ ਵੰਡਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਨਫ਼ਰਤ ਫੈਲਾਉਂਦੇ ਹਨ। ਗੋਇਲ ਨੇ ਪੰਨੂ ਨੂੰ ਚੁਣੌਤੀ ਦਿੰਦੇ ਹੋਏ ਕਿਹਾ ਕਿ ਉਹ ਅਮਰੀਕਾ ਵਿੱਚ ਬੈਠ ਕੇ ਹਮੇਸ਼ਾ ਦੇਸ਼ ਬਾਰੇ ਬੁਰਾ-ਭਲਾ ਬੋਲਦਾ ਹੈ, ਹਿੰਮਤ ਹੈ ਤਾਂ ਇੱਥੇ ਆ ਕੇ ਅਜਿਹੀਆਂ ਗੱਲਾਂ ਕਹੇ। ਫਿਰ ਉਸਨੂੰ ਪਤਾ ਲੱਗੇਗਾ ਕਿ ਲੋਕ ਉਸਦੇ ਬਾਰੇ ਕੀ ਸੋਚਦੇ ਹਨ।
ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ‘ਆਪ’ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਬਾਬਾ ਸਾਹਿਬ ਅੰਬੇਡਕਰ ਨੂੰ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਧ ਸਤਿਕਾਰ ਦਿੱਤਾ ਹੈ। ਅੱਜ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਹਰ ਸਰਕਾਰੀ ਦਫ਼ਤਰ ਵਿੱਚ ਡਾ. ਅੰਬੇਡਕਰ ਅਤੇ ਸ਼ਹੀਦ ਭਗਤ ਸਿੰਘ ਦੀਆਂ ਫ਼ੋਟੋਆਂ ਟੰਗੀਆਂ ਹੋਈਆਂ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਐਲਾਨ ਕੀਤਾ ਕਿ ਅਸੀਂ ਅਜਿਹੀਆਂ ਧਮਕੀਆਂ ਤੋਂ ਡਰਨ ਵਾਲੇ ਲੋਕ ਨਹੀਂ ਹਾਂ। 14 ਤਰੀਕ ਨੂੰ, ਅਸੀਂ ਸਾਰੇ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਵਰਕਰ ਅਤੇ ਆਗੂ ਬਾਬਾ ਸਾਹਿਬ ਦੀ ਜਯੰਤੀ ਬਹੁਤ ਧੂਮਧਾਮ ਨਾਲ ਮਨਾਵਾਂਗੇ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀਆਂ ਮੂਰਤੀਆਂ ਦੀ ਰੱਖਿਆ ਕਰਾਂਗੇ।
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ਵਿਜੀਲੈਂਸ ਬਿਊਰੋ ਵੱਲੋਂ ਆਰਟੀਓ ਦਫ਼ਤਰਾਂ, ਡਰਾਈਵਿੰਗ ਟੈਸਟ ਕੇਂਦਰਾਂ ’ਤੇ ਅਚਨਚੇਤ ਛਾਪੇਮਾਰੀ, 24 ਵਿਅਕਤੀ ਗ੍ਰਿਫ਼ਤਾਰ
Jalandhar : ਭ੍ਰਿਸ਼ਟਾਚਾਰ ਵਿਰੁੱਧ ਵੱਡੀ ਕਾਰਵਾਈ ਤਹਿਤ ਪੰਜਾਬ ਵਿਜੀਲੈਂਸ ਬਿਊਰੋ ਨੇ ਰਾਜ ਭਰ ਵਿੱਚ ਖੇਤਰੀ ਟਰਾਂਸਪੋਰਟ ਅਥਾਰਟੀ (ਆਰ.ਟੀ.ਏ.) ਦਫ਼ਤਰਾਂ ਅਤੇ ਡਰਾਈਵਿੰਗ ਟੈਸਟ ਕੇਂਦਰਾਂ ’ਤੇ ਅਚਨਚੇਤ ਛਾਪੇਮਾਰੀ ਕੀਤੀ, ਜਿਸ ਦੌਰਾਨ ਰਿਸ਼ਵਤਖੋਰੀ ਅਤੇ ਹੋਰ ਬੇਨਿਯਮੀਆਂ ਵਿੱਚ ਕਥਿਤ ਤੌਰ ’ਤੇ ਸ਼ਾਮਲ 24 ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਨੂੰ ਗ੍ਰਿਫ਼ਤਾਰ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਕਾਰਵਾਈ ਦੌਰਾਨ ਕੁੱਲ 16 ਐਫਆਈਆਰ ਦਰਜ ਕੀਤੀਆਂ ਗਈਆਂ ਹਨ ਅਤੇ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਨੇ ਏਜੰਟਾਂ ਤੋਂ 40,900 ਰੁਪਏ ਜ਼ਬਤ ਕੀਤੇ ਹਨ ਜੋ ਡਰਾਈਵਿੰਗ ਲਾਇਸੈਂਸ, ਡਰਾਈਵਿੰਗ ਟੈਸਟ ਅਤੇ ਹੋਰ ਸੇਵਾਵਾਂ ਦੇਣ ਬਦਲੇ ਲੋਕਾਂ ਤੋਂ ਪੈਸੇ ਵਸੂਲਦੇ ਸਨ।
ਅੱਜ ਇੱਥੇ ਇਹ ਖੁਲਾਸਾ ਕਰਦਿਆਂ ਰਾਜ ਵਿਜੀਲੈਂਸ ਬਿਊਰੋ ਦੇ ਬੁਲਾਰੇ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਦੀ ਭ੍ਰਿਸ਼ਟਾਚਾਰ ਵਿਰੋਧੀ ਐਕਸ਼ਨ ਲਾਈਨ ਰਾਹੀਂ ਪ੍ਰਾਪਤ ਹੋਈਆਂ ਕਈ ਸ਼ਿਕਾਇਤਾਂ ਤੋਂ ਬਾਅਦ, ਫਲਾਇੰਗ ਸਕੁਐਡ ਅਤੇ ਆਰਥਿਕ ਅਪਰਾਧ ਸ਼ਾਖਾ (ਈਓਡਬਲਯੂ) ਸਮੇਤ ਵਿਜੀਲੈਂਸ ਬਿਊਰੋ ਰੇਂਜਾਂ ਵੱਲੋਂ ਛਾਪੇਮਾਰੀ ਕੀਤੀ ਗਈ। ਇਸ ਕਾਰਵਾਈ ਵਿੱਚ ਆਰਟੀਏ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਅਤੇ ਏਜੰਟਾਂ ਲਈ ਚਲਾਇਆ ਗਿਆ, ਜੋ ਏਜੰਟਾਂ ਵਜੋਂ ਕੰਮ ਕਰ ਰਹੇ ਸਨ, ਲਾਇਸੈਂਸ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਵਿੱਚ ਤੇਜ਼ੀ ਲਿਆਉਣ ਜਾਂ ਡਰਾਈਵਿੰਗ ਟੈਸਟ ਦੇ ਨਤੀਜਿਆਂ ਵਿੱਚ ਹੇਰਾਫੇਰੀ ਕਰਨ ਲਈ ਗੈਰ-ਕਾਨੂੰਨੀ ਫੀਸਾਂ ਵਸੂਲ ਰਹੇ ਸਨ।
ਬੁਲਾਰੇ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਕਾਰਵਾਈਆਂ ਸਰਕਾਰੀ ਦਫਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਭ੍ਰਿਸ਼ਟਾਚਾਰ ਨੂੰ ਖਤਮ ਕਰਨ ਲਈ ਰਾਜ ਦੇ ਚੱਲ ਰਹੇ ਯਤਨਾਂ ਦਾ ਹਿੱਸਾ ਹਨ। ਬੁਲਾਰੇ ਨੇ ਕਿਹਾ ,‘‘ਅਸੀਂ ਸਰਕਾਰੀ ਸੇਵਾਵਾਂ ਵਿੱਚ ਪਾਰਦਰਸ਼ਤਾ ਅਤੇ ਜਵਾਬਦੇਹੀ ਨੂੰ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਵਚਨਬੱਧ ਹਾਂ। ਅਜਿਹੇ ਛਾਪੇ ਗੈਰ-ਕਾਨੂੰਨੀ ਗਤੀਵਿਧੀਆਂ ਨੂੰ ਰੋਕਣ ਅਤੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਸ਼ੋਸ਼ਣ ਤੋਂ ਬਚਾਉਣ ਲਈ ਜਾਰੀ ਰਹਿਣਗੇ,’’।
ਗ੍ਰਿਫ਼ਤਾਰ ਕੀਤੇ ਗਏ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਵਿੱਚ ਮੋਹਾਲੀ ਦਾ ਇੱਕ ਪਾ੍ਰਈਵੇਟ ਏਜੰਟ ਸੁਖਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਵੀ ਸ਼ਾਮਲ ਸੀ, ਜਿਸਨੂੰ ਡਰਾਈਵਿੰਗ ਲਾਇਸੈਂਸ ਦੀ ਸਹੂਲਤ ਦੇਣ ਅਤੇ ਟੈਸਟ ਦੀ ਪ੍ਰਵਾਨਗੀ ਨੂੰ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਉਣ ਬਦਲੇ 5,000 ਰੁਪਏ ਦੀ ਰਿਸ਼ਵਤ ਦੇ ਹਿੱਸੇ ਵਜੋਂ 2,500 ਰੁਪਏ ਲੈਂਦੇ ਹੋਏ ਰੰਗੇ ਹੱਥੀਂ ਫੜਿਆ ਗਿਆ । ਫਤਿਹਗੜ੍ਹ ਸਾਹਿਬ ਵਿੱਚ, ਇੱਕ ਹੋਰ ਏਜੰਟ, ਪਰਮਜੀਤ ਸਿੰਘ, ਨੂੰ ਇਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀਆਂ ਗੈਰ-ਕਾਨੂੰਨੀ ਸੇਵਾਵਾਂ ਲਈ 5,000 ਰੁਪਏ ਲੈਂਦੇ ਹੋਏ ਫੜਿਆ ਗਿਆ ।
ਬੁਲਾਰੇ ਨੇ ਅੱਗੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਲੁਧਿਆਣਾ ਵਿੱਚ, ਈ.ਓ.ਡਬਲਯ.ੂ ਯੂਨਿਟ ਨੇ ਤਿੰਨ ਵਿਅਕਤੀਆਂ – ਪੰਕਜ ਅਰੋੜਾ ਉਰਫ਼ ਸੰਨੀ, ਦੀਪਕ ਕੁਮਾਰ ਅਤੇ ਮਨੀਸ਼ ਕੁਮਾਰ – ਨੂੰ 1,500 ਰੁਪਏ ਤੋਂ 3,500 ਰੁਪਏ ਤੱਕ ਦੀ ਰਿਸ਼ਵਤ ਮੰਗਣ ਦੇ ਦੋਸ਼ ਵਿੱਚ ਹਿਰਾਸਤ ਵਿੱਚ ਲਿਆ ਹੈ। ਲੁਧਿਆਣਾ ਵਿਜੀਲੈਂਸ ਬਿਊਰੋ ਰੇਂਜ ਨੇ ਦੋ ਹੋਰ ਏਜੰਟਾਂ, ਤਾਇਸਿਫ਼ ਅਹਿਮਦ ਅੰਸਾਰੀ ਅਤੇ ਹਨੀ ਅਰੋੜਾ ਨੂੰ ਵੀ ਲਾਇਸੈਂਸ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰਨ ਲਈ ਕ੍ਰਮਵਾਰ 7,000 ਰੁਪਏ ਅਤੇ 5,500 ਰੁਪਏ ਵਸੂਲਣ ਦੇ ਦੋਸ਼ ਵਿੱਚ ਗ੍ਰਿਫ਼ਤਾਰ ਕੀਤਾ।
ਜਲੰਧਰ ਵਿੱਚ, ਮੋਹਿਤ ਕੁਮਾਰ ਅਤੇ ਵਿਜੇ ਕੁਮਾਰ ਨੂੰ ਫਾਸਟ-ਟਰੈਕ ਡਰਾਈਵਿੰਗ ਟੈਸਟ ਅਪੁਇੰਟਮੈਂਟਾਂ ਲਈ 2,000 ਰੁਪਏ ਲੈਂਦੇ ਹੋਏ ਰੰਗੇ ਹੱਥੀਂ ਫੜਿਆ ਗਿਆ।
ਹੁਸ਼ਿਆਰਪੁਰ ਵਿੱਚ, ਏਜੰਟ ਅਸ਼ੋਕ ਕੁਮਾਰ ਨੂੰ ਅਸਲ ਟਰਾਇਲਾਂ ਤੋਂ ਬਿਨਾਂ ਡਰਾਈਵਿੰਗ ਟੈਸਟ ਪਾਸ ਕਰਨ ਲਈ 5,000 ਰੁਪਏ ਲੈਣ ਦੇ ਦੋਸ਼ ਵਿੱਚ ਗ੍ਰਿਫ਼ਤਾਰ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਕਪੂਰਥਲਾ ਵਿੱਚ ਹੀ ਇੱਕ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਜ਼ਬਤੀ ਹੋਈ, ਜਿੱਥੇ ਇੱਕ ਏਜੰਟ ਸ਼ੇਰ ਅਮਰੀਕ ਸਿੰਘ ਨੂੰ 12,000 ਰੁਪਏ ਨਕਦੀ ਸਮੇਤ ਗ੍ਰਿਫ਼ਤਾਰ ਕੀਤਾ ਗਿਆ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਆਰ.ਟੀ.ਏ. ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਨਾਲ ਸ਼ੱਕੀ ਮਿਲੀਭੁਗਤ ਦਾ ਪਰਦਾਫਾਸ਼ ਹੋਇਆ।
ਐਸਬੀਐਸ ਨਗਰ, ਵਿਜੀਲੈਂਸ ਬਿਊਰੋ ਟੀਮ ਨੇ ਦੋ ਆਰਟੀਏ ਕਰਮਚਾਰੀਆਂ – ਜਤਿੰਦਰ ਸਿੰਘ, ਜੂਨੀਅਰ ਸਹਾਇਕ ਅਤੇ ਮਨੀਸ਼ ਕੁਮਾਰ, ਡੇਟਾ ਐਂਟਰੀ ਆਪਰੇਟਰ – ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਦੋ ਪ੍ਰਾਈਵੇਟ ਏਜੰਟਾਂ, ਕੇਵਲ ਕ੍ਰਿਸ਼ਨ ਅਤੇ ਕਮਲ ਕੁਮਾਰ ਨੂੰ ਭ੍ਰਿਸ਼ਟਾਚਾਰ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਲ ਹੋਣ ਲਈ , ਉਨ੍ਹਾਂ ਵਿਰੁੱਧ ਕਾਰਵਾਈ ਕੀਤੀ ਗਈ।
ਸੰਗਰੂਰ ਵਿੱਚ ਵੀ , ਵਿਜੀਲੈਂਸ ਬਿਊਰੋ ਨੇ ਲਵਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ, ਜਿਸਨੇ ਸ਼ਿਕਾਇਤਕਰਤਾ ਤੋਂ ਉਸਦੇ ਡਰਾਈਵਿੰਗ ਲਾਇਸੈਂਸ ਬਦਲੇ 7000 ਰੁਪਏ ਰਿਸ਼ਵਤ ਰੁਪਏ ਦੀ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਸੀ ਅਤੇ ਅਵਿਨਾਸ ਗਰਗ ਡੇਟਾ ਐਂਟਰੀ ਆਪਰੇਟਰ ਪੰਜਾਬ ਸਟੇਟ ਟਰਾਂਸਪੋਰਟ ਸੋਸਾਇਟੀ, ਵਿਰੁੱਧ ਕਾਰਵਾਈ ਕੀਤੀ । ਇਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਤਰਨ ਤਾਰਨ ਵਿੱਚ, ਵਿਜੀਲੈਂਸ ਬਿਊਰੋ ਨੇ ਦੋਸ਼ੀ ਲਖਬੀਰ ਸਿੰਘ ਢਿਲੋਂ ਪ੍ਰਾਈਵੇਟ ਏਜੰਟ ’ਤੇ ਵੀ ਮੁਕੱਦਮਾ ਦਰਜ ਕੀਤਾ ਹੈ। ਜਿਸਨੇ ਸ਼ਿਕਾਇਤਕਰਤਾ ਤੋਂ ਡਰਾਈਵਿੰਗ ਲਾਇਸੈਂਸ ਬਣਾਉਣ ਲਈ 3500 ਰੁਪਏ ਰਿਸ਼ਵਤ ਮੰਗੀ ਸੀ। ਇਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਵਿੱਚ, ਵਿਜੀਲੈਂਸ ਬਿਊਰੋ ਕੋਲ ਦੋਸ਼ੀ ਕੁਲਬੀਰ ਸਿੰਘ ਅਤੇ ਇੰਦਰਾਸ (ਦੋਵੇਂ ਏਜੰਟ ਹਨ) ਵਿਰੁੱਧ ਰਿਕਾਰਡਿੰਗ ਦੇ ਸਪੱਸ਼ਟ ਸਬੂਤ ਹਨ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਐਮਵੀਆਈ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਲਈ 9000 ਰੁਪਏ ਦੀ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਸੀ।
ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ, ਵਿਜੀਲੈਂਸ ਬਿਊਰੋ ਨੇ ਕ੍ਰਿਸ਼ਨ ਲਾਲ, ਇੰਦਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਅਤੇ ਏਜੰਟ ਨਵੀਨ ਕੁਮਾਰ ਨੂੰ ਬਠਿੰਡਾ ਵਿੱਚ ਜਾਅਲੀ ਪਤੇ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰਕੇ ਰਜਿਸਟਰੇਸ਼ਨ ਸਰਟੀਫੀਕੇਟ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਵੀ ਕੇਸ ਦਰਜ ਕੀਤਾ ਹੈ।ਇਨ੍ਹਾਂ ਕੇਸਾਂ ਦੀ ਜਾਂਚ ਪੇਸ਼ੇਵਰ ਢੰਗ ਨਾਲ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਅਤੇ ਵਿਜੀਲੈਂਸ ਬਿਊਰੋ ਭ੍ਰਿਸ਼ਟਾਚਾਰ ਅਤੇ ਬੇਨਿਯਮੀਆਂ ਨੂੰ ਖਤਮ ਕਰਨ ਲਈ ਆਰ.ਟੀ.ਏ. ਦਫ਼ਤਰ ਦੇ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ/ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਸਮੇਤ ਰਿਸ਼ਵਤ ਲਈ ਵਰਤੇ ਜਾਂਦੇ ਢੰਗ-ਤਰੀਕਿਆਂ ਦੀ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਜਾਂਚ ਕਰੇਗਾ।
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2 लाख से अधिक की दवाएं जब्त, तिलक नगर में केमिस्ट पर एफआईआर दर्ज
जालंधर, 6 अप्रैल:
पंजाब सरकार द्वारा नशे के खात्मे के लिए शुरू किए गए ‘युद्ध नशे के विरुद्ध ‘ अभियान के तहत जिला प्रशासन ने डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल के सख्त निर्देशों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए दवाओं के तौर पर इस्तेमाल की जा सकने वाली दवाओं की अनधिकृत बिक्री में शामिल एक केमिस्ट की दुकान से 2,14,085 रुपये की दवाएं जब्त की है।
स्वास्थ्य और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों ने मैसर्स कैपिटल फार्मा, दुकान नंबर 8, तिलक नगर रोड, जालंधर शहर पर छापा मारा और आवश्यक खरीद और बिक्री रिकॉर्ड की कमी के कारण 19 प्रकार की एलोपैथिक दवाएं जब्त की, जिनमें प्रीगाबलिन कैप्सूल, गैबापेंटिन कैप्सूल/गोलियां और डायसाइक्लोमाइन टैबलेट शामिल है।
डिप्टी कमिश्नर डा. हिमांशु अग्रवाल ने कहा कि जिला प्रशासन ने प्रीगैबलिन, गैबापेंटिन और एनाफोर्टन इंजेक्शन सहित कुछ दवाओं की बिक्री को सख्ती से नियंत्रित किया है ताकि नशे के दुरुपयोग को रोका जा सके।
उन्होंने आगे बताया कि जांच टीम द्वारा 5128 प्रीगैबलिन कैप्सूल, 1100 गैबापेंटिन कैप्सूल, 700 गैबापेंटिन टैबलेट और 4400 डाइसाइक्लोमाइन टैबलेट जब्त किए गए है। उन्होंने कहा कि दुकान के मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है और गहन जांच की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि ‘ युद्ध नशे के विरुद्ध ‘ अभियान के तहत हाल ही में जिला प्रशासन द्वारा जमशेर में अवैध नशा छुड़ाने वाले केंद्र को सील कर 34 युवाओं को बचाया गया है।
डॉ. अग्रवाल ने नशा पीड़ितों के पुनर्वास और उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने जिलावासियों से नशे से संबंधित किसी भी सहायता के लिए जिला नशा मुक्ति हेल्पलाइन नंबर 0181-2911960 पर संपर्क करने को कहा। उन्होंने यह भी कहा कि नशे से संबंधित कोई भी जानकारी व्हाट्सएप नंबर 9779-100-200 पर साझा की जा सकती है। उन्होंने कहा कि नशे से संबंधित किसी भी गतिविधि की सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
डिप्टी कमिश्नर ने जिलावासियों से स्वस्थ एवं सुरक्षित समाज के लिए नशे के खिलाफ जंग में सक्रिय योगदान देने की भी अपील की।
