जालंधर : पंजाब में मुस्लिम समुदाय की सलमानी बिरादरी को ओबीसी सूची में शामिल करने की मांग ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। जमात-ए-सलमानी ऑफ इंडिया के पंजाब चेयरमैन मोहम्मद अख्तर सलमानी ने इस संबंध में एडीसी मैडम अमनिंदर कौर के माध्यम से पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को मांग-पत्र भेजकर सलमानी बिरादरी को ओबीसी सूची में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है।
अख्तर सलमानी ने कहा कि पंजाब में सलमानी बिरादरी की बड़ी आबादी है और समुदाय के अनेक परिवार लंबे समय से पारंपरिक रूप से सैलून एवं बाल काटने के व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि समुदाय के बच्चे शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन सलमानी नाम से जाति प्रमाण-पत्र उपलब्ध न होने के कारण विद्यार्थियों और अन्य लोगों को कई स्तरों पर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने मांग-पत्र में कहा कि मुस्लिम समाज में नाई समुदाय को कई क्षेत्रों में सलमानी नाम से जाना जाता है। उनके अनुसार, दिल्ली, उत्तराखंड, बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और झारखंड सहित विभिन्न राज्यों में सलमानी समुदाय को ओबीसी सूची में स्थान प्राप्त है। ऐसे में पंजाब में भी सलमानी बिरादरी को ओबीसी सूची में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए।
अख्तर सलमानी ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर समुदाय के प्रतिनिधि पहले भी संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपनी मांग रख चुके हैं, लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ है। उन्होंने पंजाब सरकार से मांग की कि सलमानी बिरादरी की स्थिति का उचित अध्ययन करवाकर नियमानुसार ओबीसी सूची में शामिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।
उन्होंने कहा कि ओबीसी सूची में शामिल होने से समुदाय के विद्यार्थियों और युवाओं को शिक्षा, रोजगार तथा सरकार की विभिन्न योजनाओं में उपलब्ध ओबीसी प्रावधानों का लाभ लेने का अवसर मिल सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से मांग की कि सलमानी बिरादरी की इस मांग पर गंभीरता से विचार करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं।
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