मुस्लिम संगठन के पदाधिकारियों की नजरबंदी पर मुस्लिम समाज में रोष, आबिद सलमानी ने जताया कड़ा विरोध

जालंधर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जालंधर कैंट दौरे के दौरान मुस्लिम संगठन पंजाब के प्रधान एडवोकेट नईम खान और महासचिव मजहर आलम मजाहिरी को खांबड़ा स्थित उनके आवास पर नजरबंद किए जाने के मामले को लेकर मुस्लिम समाज में भारी रोष व्याप्त है।
ऑल इंडिया जमात सलमानी ट्रस्ट पंजाब के प्रधान हाजी आबिद हसन सलमानी ने इस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जहां प्रत्येक नागरिक को अपनी बात रखने, शांतिपूर्ण ढंग से विरोध दर्ज कराने और सरकार के समक्ष अपनी मांग रखने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति या संगठन की आवाज को दबाने के लिए इस प्रकार की कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
हाजी आबिद हसन सलमानी ने कहा कि केवल विरोध की आशंका के आधार पर सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों को उनके घरों में नजरबंद करना उचित नहीं कहा जा सकता। उन्होंने प्रशासन से भविष्य में ऐसी कार्रवाई से बचने तथा सभी नागरिकों के संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि इस घटना से मुस्लिम समाज में गहरी नाराजगी है और लोग इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर अंकुश के रूप में देख रहे हैं। साथ ही उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष एवं लोकतांत्रिक तरीके से कार्य करने की अपील की।

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