जालंधर, 17 मई (मज़हर): पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर मुस्लिम समाज की राजनीतिक और सामाजिक भागीदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से मुस्लिम संगठन पंजाब की एक महत्वपूर्ण बैठक सर्किट हाउस जालंधर में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता संगठन के प्रधान एडवोकेट नईम खान ने की, जिसमें पंजाब के विभिन्न जिलों से आए मुस्लिम समाज के सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक और शैक्षणिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
बैठक में पंजाब के हर जिले में मुस्लिम कम्युनिटी हॉल, मुस्लिम ऑडिटोरियम और मुस्लिम एजुकेशन कॉलेज स्थापित करने की मांग को लेकर विस्तृत चर्चाएं की गई। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा और सामाजिक विकास के बिना किसी भी समाज की प्रगति संभव नहीं है, इसलिए सरकार को मुस्लिम समुदाय की मूलभूत जरूरतों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
मुस्लिम संगठन पंजाब के जनरल सेक्रेटरी एम. आलम मजाहिरी ने बैठक का उद्देश्य बताते हुए कहा कि यह सम्मेलन पंजाब के मुसलमानों को एक मंच पर लाकर उनके अधिकारों और समस्याओं के समाधान के लिए साझा रणनीति तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने सभी उपस्थित प्रतिनिधियों का परिचय भी कराया।
इस अवसर पर संगठन के प्रधान एडवोकेट नईम खान ने कहा कि पिछले दस वर्षों में किसी भी राजनीतिक दल ने पंजाब के मुसलमानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया, जिसके कारण मुस्लिम समाज अपने आपको ठगा हुआ और उपेक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार आम आदमी पार्टी और मुख्यमंत्री भगवंत मान से मुलाकात की गई, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिले और वादे पूरे नहीं किए गए।
उन्होंने कहा कि हर पार्टी ने मुस्लिम समाज को केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया गया है, लेकिन अब समुदाय अपने अधिकारों और अस्तित्व के लिए एकजुट होकर आवाज उठाएगा। एडवोकेट नईम खान ने स्पष्ट कहा कि यदि आम आदमी पार्टी ने मुस्लिम समाज की मांगों को पूरा नहीं किया तो आने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी का बहिष्कार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब मुस्लिम समाज केवल उन्हीं राजनीतिक दलों का समर्थन करेगा जो उनके मुद्दों को प्राथमिकता देंगे और उनके समाधान के लिए ठोस कदम उठाएंगे।
उन्होंने घोषणा की कि जल्द ही पूरे पंजाब के मुसलमानों का एक बड़ा सम्मेलन ईदगाह जालंधर में आयोजित किया जाएगा, जिसमें आगामी राजनीतिक रणनीति और समुदाय के सामूहिक निर्णय की घोषणा की जाएगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान बैठक में पंजाब भर के मुस्लिम प्रतिनिधियों से राय ली गई है और अगली बैठक में अंतिम फैसला लिया जाएगा।
बैठक में पूर्व अल्पसंख्यक आयोग सदस्य हमीद मसीह, मुस्लिम संगठन पठानकोट के प्रधान मोहम्मद जमाल, हाजी आबिद हसन सलमानी, अयाज मैक्स सलमानी, मोलाना अनवर अमृतसरी, शमशाद ठेकेदार नकोदर, गुलाम सरवर सबा फगवाड़ा, कारी गयूर अहमद लुधियाना, नवांशहर संगठन के प्रधान निजाम, जनरल सेक्रेटरी मोहम्मद शाहिद सलमानी, आलमगीर गुर्जर आदमपुर, मौलाना अमान उल्लाह मजाहिरी, खुशी मोहम्मद कपूरथला, अब्दुल हमीद, वाहिद करतारपुर, अलाउद्दीन चांद, अब्दुल मन्नान खान, मानिक अली, मुफ्ती शाह आलम चतुर्वेदी अमृतसर, मौलाना तालिब हुसैन, हैदर हुसैन, रियाज खान होशियारपुर, कय्यूम खान जालंधर कैंट, शकील खान, इमरान खान, दाऊद आलम, अतीक अहमद, मोहम्मद निहाल, मंजूर हुसैन सलमानी बठिंडा, आकिब जावेद सलमानी, डॉ. नासिर खान, सरफराज, सिकंदर शेख, असलम खान, अरमान शेख, अतहर आज़ाद सहित बड़ी संख्या में प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे।
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